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    1 अप्रैल से चांदी के बदले भी ले सकेंगे लोन, कहां और कितना मिलेगा; गोल्ड लोन से कितना है अलग?

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 03:46 PM (IST)

    भारतीय रिजर्व बैंक ने चांदी के बदले ऋण देने के नए नियम जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। अब बैंक, सहकारी समितियां और एनबीएफसी चांदी पर भी ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। अब गोल्ड की तरह चांदी के बदले भी लोन दिया जाएगा। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। 1 अप्रैल से सभी बैंक, को- ऑपरेटिव और फाइनेंस कंपनियां (NBFCs) ग्राहकों को चांदी के बदलने उधार देगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि चांदी में भी शेयर बाजार की तरह उतार-चढ़ाव चल रहा है। इसलिए आरबीआई चांदी पर लोन लेने से जुड़े कुछ नियम लाया है। 

    इन नए नियमों के तहत चांदी पर लोन लेने को लेकर, अमाउंट इत्यादि से जुड़े कुछ नियम तय किए हैं। ताकि चांदी के बदले लोन की प्रक्रिया भी किसी भी तरह का भेदभाव न हो। 

    नियम में क्या-क्या शामिल?

    • सबसे पहले इसके सबसे महत्वपूर्ण नियम के बारे में बात करते हैं। चांदी के बदले अधिकतम लोन लेने की सीमा 2.5 लाख रुपये है। इसके साथ ही उधारकर्ता चांदी की वैल्यू का 85 फीसदी अमाउंट लोन पर ले सकता है। हालांकि ये 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 
    • अगर उधारकर्ता चाहे तो वे बाद में लोन की लिमिट को बढ़ा सकता है। हालांकि ये बाताई गई एलटीवी (LTV) सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।
    • इसके साथ ही बैंक या फाइनेंशियल संस्था को लोन से जुड़ी सभी जानकारी ब्याज, सर्विस चार्ज और अन्य कोई चार्ज के बारे में पहले से ही सूचित करना होगा। 
    • अगर बैंक बुलियन पेमेंट के ऑप्शन पर लोन देता है, तो आपको उस समय चल रहे चांदी के भाव पर लोन वापस करना होगा। बुलियन पेमेंट का अर्थ होता है कि आप ब्याज और प्रिंसिपल अमाउंट दोनों का एकमुश्त भुगतान करते हैं। ऐसे स्थिति में आप जब भुगतान करेंगे तो उस समय मौजूदा चांदी की कीमत देखी जाएगी। इस तरह से किसी को भी नुकसान नहीं होगा। 
    • इसी तरह जब आप चांदी की जगह लोन लेते हैं तब उस समय बीते 30 दिनों की कीमत और मौजूदा दाम दोनों को देखा जाएगा। 

    अगर लोन न चुकाया जाए?

    अगर कोई उधारकर्ता लोन नहीं चुका पता है तो उसे पहले नोटिस भेजा जाएगा या बैंक द्वारा सूचित किया जाएगा। फिर भी अगर उधारकर्ता लोन देने में सक्षम नहीं होता तो चांदी की बोली लगाई जाएगी। ये बोली चांदी की वैल्यू के 90 फीसदी से शुरू होगी। 

    अगर चांदी लोन दिए गए अमाउंट से ज्यादा की कीमत पर बेची जाती है तो बचे हुए पैसे उधारकर्ता को दिए जाएंगे।