Gold Price Crash: रूस के बाद इस मुस्लिम देश ने बेच दिया ₹76 हजार करोड़ का 60 टन सोना, अब आएगी असली गिरावट?
Turkey Sells 60 Ton Gold: मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते तुर्किए ने 60 टन सोना बेचा, जिससे वैश्विक गोल्ड मार्केट में हलचल मच गई है। जानें ये देश सोना क्यों ...और पढ़ें

तुर्किए ने बेचा 60 टन सोना, वैश्विक गोल्ड मार्केट में मची हलचल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट युद्ध का असर अब ग्लोबल इकोनॉमी पर साफ दिख रहा है। बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कई देश हथियार खरीदने के लिए अपने गोल्ड रिजर्व (Middle East War Gold Impact) तक खाली कर रहे हैं।
पहले खबर आई कि पोलैंड 60 टन सोना बेच सकता है, वहीं रूस भी करीब 15 टन सोना बेचकर (Russia Sells 15 Ton Gold) रक्षा बजट बढ़ाने की तैयारी में है।
इसी बीच तुर्किए ने बड़ा कदम उठाते हुए सिर्फ दो हफ्तों में करीब 60 टन सोना बेच दिया (Turkey Sells 60 Ton Gold), जिसकी कीमत 8 बिलियन डॉलर यानी भारतीय करेंसी में करीब 76 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है।
ग्लोबल गोल्ड मार्केट में मचा दी हलचल
तुर्किए के सेंट्रल बैंक की इस बड़ी बिक्री (Turkey Gold Reserve Sale) से ग्लोबल गोल्ड मार्केट में हलचल मच गई है। इसका असर कीमतों और निवेशकों की रणनीति पर दिख रहा है।
एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि अगर ऐसी बिकवाली जारी रही तो आने वाले समय में सोने की कीमतों पर भारी दबाव (Gold Price Crash 2026) पड़ सकता है।
तुर्की के सेंट्रल बैंक ने करीब 60 टन सोना बेचकर ग्लोबल गोल्ड मार्केट में हलचल मचा दी है, और इसका असर दुनिया भर की कीमतों और निवेशकों की रणनीति पर साफ दिखने लगा है।
खास बात यह है कि अब तक सेंट्रल बैंक गोल्ड के बड़े खरीदार माने जाते थे, लेकिन तुर्किए का यह कदम ट्रेंड बदलने का संकेत दे रहा है।
ईरान युद्ध से 15% तक गिर गया सोना
गोल्ड मार्केट पहले से ही दबाव में था। ईरान युद्ध के बाद सोना पारंपरिक 'सेफ हेवन' की तरह नहीं चला, बल्कि शेयर बाजार की तरह गिरा। इस दौरान कीमतों में करीब 15% तक की गिरावट आई। लेकिन तुर्की की बिक्री ने इस दबाव को और बढ़ा दिया।
4500 डॉलर पर कारोबार कर रहा सोना
हालांकि, इस झटके के बावजूद शुक्रवार को गोल्ड ने रिकवरी दिखाई और कीमतें 4500 डॉलर प्रति औंस (gold price today) के ऊपर पहुंच गईं। इंट्राडे में यह 4550 डॉलर (gold rate today) तक गया, जो बताता है कि गिरावट के बाद खरीदारी भी मजबूत है।
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आखिर तुर्किए ने क्यों बेचा इतना सोना?
तुर्कीए ने सोना क्यों बेचा, यह भी समझना जरूरी है। ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में डॉलर की जरूरत पूरी करने और इकोनॉमी संभालने के लिए सेंट्रल बैंक अपने गोल्ड रिजर्व बेच रहे हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि तुर्कीए अकेला नहीं हो सकता। अगर दूसरे देश भी ऐसा कदम उठाते हैं, तो गोल्ड की ग्लोबल डिमांड कमजोर हो सकती है। इससे कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और सेंट्रल बैंक की खरीदारी, जो अब तक गोल्ड की तेजी का बड़ा कारण थी, धीमी पड़ सकती है।
इसका असर निवेशकों पर भी पड़ेगा। अब तक लोग मानते थे कि सेंट्रल बैंक गोल्ड को लंबे समय तक रखते हैं और बेचते नहीं हैं। लेकिन तुर्की की इस कार्रवाई ने इस भरोसे को झटका दिया है।
तुर्किए का फैसला दुनियाभर के लिए बड़ा संकेत
ग्लोबल मार्केट में पहले से ही कई दबाव हैं, जैसे- अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें, मजबूत डॉलर और जियोपॉलिटिकल तनाव। ऐसे में अगर सेंट्रल बैंक भी बिकवाली करने लगते हैं, तो गोल्ड में वोलैटिलिटी और बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, तुर्की की 60 टन गोल्ड बिक्री सिर्फ एक देश का फैसला नहीं, बल्कि पूरे बाजार के लिए बड़ा संकेत है। आने वाले समय में गोल्ड की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या अन्य देश भी इसी रास्ते पर चलते हैं या नहीं।
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