सर्च करे
Home

Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    DPIIT ने जारी की ₹10,000 करोड़ के FoF 2.0 के लिए गाइडलाइंस, भारत के स्टार्टअप फंड्स में आएगी तेजी?

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 11:44 AM (IST)

    केंद्र सरकार के DPIIT ने ₹10,000 करोड़ के स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (FoF 2.0) को मंजूरी दी है। यह योजना घरेलू वेंचर कैपिटल को मजबूत कर स्टार्ट ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    DPIIT ने जारी की ₹10,000 करोड़ के FoF 2.0 के लिए गाइडलाइंस 

    नई दिल्ली| केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के विभाग DPIIT ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (FoF 2.0) को मंजूरी दे दी है। इस योजना की शुरुआत स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए वेंचर कैपिटल जुटाने के उद्देश्य से की गई है। यह 2016 में लॉन्च किए गए पूर्व फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS 1.0) पर आधारित है। साथ ही नई स्कीम की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी नियम बनाए जाएंगे।

    FoF 2.0 के उद्देश्य

    इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 का उद्देश्य स्टार्टअप्स और यह योजना SEBI में पंजीकृत श्रेणी I और II के वैकल्पिक निवेश कोषों (AIF) के प्रति प्रतिबद्धताओं के माध्यम से लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य घरेलू वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को मजबूत कर भारत के स्टार्टअप विकास के अगले चरण को गति देना है। साथ ही शुरुआती चरण के वित्तपोषण (Financing) अंतराल और उच्च जोखिम वाली पूंजी संबंधी समस्याओं को कम करना है।

    फंडिंग की जरूरत के अनुसार कैटेगरी

    स्टार्टअप फंडिंग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए AIFs को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। इनमें डीप टेक्नोलॉजी फंड, शुरुआती स्टार्टअप्स के लिए माइक्रो वेंचर कैपिटल फंड, मैन्युफैक्चरिंग इनोवेशन फंड जैसे अलग-अलग फंड शामिल हैं। सभी कैटेगरी के लिए फंड का आकार, सरकारी निवेश की सीमा और निजी पूंजी जुटाने के नियम तय किए गए हैं। इस तरीके से निवेश को सही दिशा में पहुंचाने में फायदा मिलेगा।

    इन एजेंसियों की रहेगी भूमिका

    इस योजना के संचालन के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को मुख्य एजेंसी बनाया गया है। जो पुरानी स्कीम FoF 1.0 की Implementation एजेंसी थी। इसके अलावा, योजना को बेहतर ढंग से चलाने के लिए सरकार एक या ज्यादा और अतिरिक्त कार्यान्वयन एजेंसियों को भी चुनेगी। ये कार्यान्वयन एजेंसियां AIF फंडों से प्रपोजल की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करेंगी। उसके बाद DPIIT द्वारा बनाई गई उद्यम पूंजी निवेश समिति (VCIC) इन प्रपोजल्स पर विचार करेगी और अपनी सिफारिश देगी।

    खबरें और भी

    इस समिति में उद्योग विशेषज्ञ, विषय विशेषज्ञ और कार्यान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि होंगे। समिति केवल अनुभवी, अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड वाले और सही तरीके से प्रबंधित AIF फंडों को ही फंडिंग के लिए चुनेंगी।

    सोर्स- PIB

    ये भी पढ़ें: Farmer ID के बिना बंद हो जाएगा PM Kisan Yojana का पैसा, छंटनी की वजह तो नहीं बनने जा रही किसान आईडी?