West Asia War ने किसानों के लिए बजाई खतरे की घंटी! अब महंगी मिलेगी खाद? उर्वरक बनाने वाली कंपनी FACT ने बढ़ाई कीमत
पश्चिमी एशिया के तनाव और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (FACT) ने अपने उत्पादों, विशेषकर फैक्टमफोस, की ...और पढ़ें
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खाद बनाने वाली कंपनी FACT ने बढ़ाई कीमत (AI Image)
HighLights
FACT ने फैक्टमफोस की कीमत ₹1,750 से ₹2,100 की।
पश्चिमी एशिया तनाव से कच्चे माल की कीमतें दोगुनी हुईं।
किसानों को सस्ती खाद हेतु FACT कर रहा आयात।
नई दिल्ली| पश्चिमी एशिया के तनाव का असर अब भारतीय किसानों को भी देखने को मिल सकता है। इस बार किसानों को महंगाई का एक और झटका लग सकता है। दरअसल वैश्विक कच्चे माल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण उर्वरक बनाने वाली प्रमुख कंपनी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (FACT) को अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जिसमें उसका प्रमुख उत्पाद फैक्टमफोस भी शामिल है।
कच्चे माल महंगा होने से बढ़ी कीमत
नई दरों के अनुसार, एनपी 20:20:0:13 (Factamfos 20:20:0:13) की कीमत पहले के ₹1,750 रुपये प्रति बैग से बढ़कर ₹2,100 प्रति बैग हो गई है। हालांकि, गोदामों में पुराने मूल्य पर उपलब्ध स्टॉक 1,750 रुपये प्रति बैग की दर से ही बेचा जाता रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने एक बयान में कहा कि प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी ने उत्पादन लागत को काफी बढ़ा दिया है, जिससे कीमतों में संशोधन के बिना काम चलाना मुश्किल हो गया है।
रॉ मैटेरियल की कीमतें दोगुनी
FACT के अनुसार, अमोनिया की कीमतें मार्च के पहले सप्ताह में 490-560 डॉलर प्रति टन से बढ़कर मई के तीसरे सप्ताह तक 870-930 डॉलर प्रति टन हो गईं। इसी अवधि में सल्फर की कीमतें भी लगभग दोगुनी होकर 513-515 डॉलर प्रति टन से 990-1000 डॉलर प्रति टन हो गईं। इसी प्रकार, सल्फ्यूरिक एसिड की कीमतें भी मार्च की शुरुआत में दर्ज 178-185 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 375-385 डॉलर प्रति टन हो गईं।
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किसानों को सस्ते दाम में मिलेगी खाद
बढ़ती लागत के दबाव के बावजूद, कंपनी ने कहा कि वह किसानों को उचित कीमतों खाद की सप्लाई करेगी। FACT ने कहा कि वह उत्पादन बनाए रखने के लिए सभी उपलब्ध ग्लोबल सप्लायर से कच्चे माल की खरीद कर रही है और आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए तैयार उर्वरक उत्पादों का आयात भी कर रही है।
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कंपनी ने बताया कि वह DAP (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) का अतिरिक्त आयात करने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही कंपनी अमोनियम सल्फेट का भी आयात कर रही है, ताकि इसे किसानों को सस्ते दामों पर वैकल्पिक उर्वरक के रूप में उपलब्ध कराया जा सके।
कितने में बिक रही DAP?
इसी बीच, फैक्ट ने डीएपी उर्वरक का उत्पादन और आपूर्ति शुरू कर दी है, जिसमें 18 प्रतिशत नाइट्रोजन और 46 प्रतिशत फास्फोरस होता है - ये दोनों फसल वृद्धि के लिए आवश्यक प्रमुख पोषक तत्व हैं। कंपनी ने बताया कि यह उर्वरक सभी फसलों के लिए उपयुक्त है और वर्तमान में बाजार में ₹1,350 प्रति बोरी के भाव से उपलब्ध है।
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