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    Farmer ID: 31 मई तक हर किसान बनवा ले ये आईडी, नहीं तो नहीं मिलेगी खाद, बंद हो सकता है किसानों का पैसा

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 11:42 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। 31 मई तक फार्मर आईडी बनवाने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके बाद कृषि योज ...और पढ़ें

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    UP के किसानों से 31 मई तक Farmer ID बनवाने की अपील

    अगर आप किसान हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हैं तो Farmer ID बनवाना अनिवार्य हो गया है। बीते दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान फार्मर आईडी अनिवार्य करने की बात कही थी। फार्मर आईडी सरकार के 'एग्रीस्टैक' का हिस्सा है जो पूरे देश में लागू है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव S.P. Goyal ने Farmer ID की अनिवार्यता को लेकर सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

    31 मई तक बनवा लें फार्मर आईडी

    उत्तर प्रदेश के किसान 31 मई तक अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। 01 जून से खेती से जुड़े सभी लाभ पूरी तरह फार्मर आईडी के जरिए ही दिए जाएंगे। MSP के जरिए फसल बिक्री से लेकर, सब्सिडी और अन्य कृषि योजनाओं के लाभ के साथ ही खाद की खरीदी के लिए भी ये आईडी अनिवार्य होगी। सरकार का मानना है कि इससे खाद की कालाबाजारी को रोका जा सकेगा और वितरण में पारदर्शिता आएगी।

    घर-घर जा कर बनाई जा रही फार्मर आईडी

    उत्तर प्रदेश में 2,88,70,495 किसानों की Farmer ID बनाने का लक्ष्य है, इसे पूरा करने के लिए सरकारी अधिकारियों को खास निर्देश दिए गए हैं। किसानों को इस आईडी की उपयोगिता समझाने और बनवाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर जागरूक किया जा रहा है, और फार्मर आईडी बनाई जा रही है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए किसान गोष्ठी, गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, होर्डिंग, और ग्राम पंचायत स्तर पर खुली चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के लिए पोर्टल भी है जहां आप खुद से अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कृषि अधिकारी, कृषि मित्र, ग्राम सचिव और रोजगार सहायक भी आपकी मदद कर सकते हैं।

    क्या होती है फार्मर आईडी?

    फार्मर आईडी आधार की ही तरह किसानों की एक डिजिटल पहचान है। इसमें किसानों का पूरा डेटाबेस है, जिसमें कृषि भूमि के रिकॉर्ड, फसल विवरण और बैंक खाते की जानकारी शामिल होती है। यह PM Kisan Yojana, खाद-बीज सब्सिडी, और बीमा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य है।

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