MSMEs को आसानी से लोन दिलाने के लिए सरकार ने बनाए कई प्लान, सदन में वित्त मंत्री ने दिए आंकड़े
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में MSME को लोन और आर्थिक सहायता के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। ECLGS 5.0, SIDBI की पहलें, और जनजातीय उद् ...और पढ़ें

MSMEs लोन को लेकर वित्तमंत्री ने संसद में दिया जवाब
HighLights
ECLGS 5.0 के तहत MSME को अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो का लक्ष्य।
SIDBI ने MSME क्षेत्र में क्रेडिट फ्लो बढ़ाया, ₹5.24 लाख करोड़।
जनजातीय उद्यमियों के लिए विशेष वित्तीय सहायता और इन्क्यूबेशन का प्रावधान।
नई दिल्ली। सदन में मानसून सत्र के दौरान सवालों और जवाबों का दौर जारी है। इसी दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सवाल के जवाब में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लोन और आर्थिक सहायता से जुड़े सवालों का जवाब दिया है। वित्त मंत्री द्वारा दिए गए लिखित जवाब के अनुसार, सरकार ने मई 2026 में Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) 5.0 शुरू की है, जिसके तहत MSME समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए ₹2.55 लाख करोड़ के अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार के मुताबिक, मई 2026 में शुरू की गई ECLGS 5.0 योजना के तहत पात्र MSME इकाइयों को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के पीक फंड-बेस्ड वर्किंग कैपिटल बकाया का 20% तक अधिक लोन मिल सकेगा। इस एक्स्ट्रा लोन पर सदस्य ऋण देने वाले संस्थानों (MLIs) को 100% सरकारी गारंटी कवरेज दिया जाएगा।
₹5.24 लाख करोड़ का लोन
लोकसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ने MSME क्षेत्र में क्रेडिट फ्लो बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं। 31 मार्च 2026 तक SIDBI का कुल इनडायरेक्ट लोन पोर्टफोलियो ₹5.24 लाख करोड़ पहुंच गया। बैंक पुनर्वित्त (Refinance) और ऑन-लेंडिंग के जरिए बैंकों, NBFC, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों को फंड उपलब्ध कराता है, जिससे MSME तक लोन की पहुंच बढ़ती है।
नए उद्यमियों को आसानी से लोन मिला
SIDBI देशभर में अपनी 167 शाखाओं के माध्यम से MSME को प्रत्यक्ष ऋण सहायता भी उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा बैंक ने NBFC और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के साथ को-लेंडिंग मॉडल शुरू किया है ताकि छोटे और नए उद्यमियों को सस्ती दर पर कर्ज मिल सके। GST Sahay App और TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल लेंडिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
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ग्रामीणों को लोन देने के कार्यक्रम
सदन में दिए जवाब में सरकार ने बताया कि SIDBI ग्रामीण गैर-कृषि उद्यमों की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए Modernization of Rural Enterprises (MoRE) कार्यक्रम चला रहा है। वहीं, MSME क्लस्टरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए SIDBI Cluster Development Fund (SCDF) के जरिए राज्यों को कम लागत पर पैसे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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जनजातीय इलाकों में खास स्कीम
लोकसभा में सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) विभिन्न रियायती वित्तीय योजनाएं चला रहा है। इसके अलावा Venture Capital Fund for Scheduled Tribes (VCF-ST) के तहत अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को ₹10 लाख से ₹5 करोड़ तक की वित्तीय सहायता 3.75% से 4% वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप के लिए ₹30 लाख तक इन्क्यूबेशन सहायता का प्रावधान भी है।