ये ऑप्शन सिलेक्ट किया तो सिर्फ 1% भरनी पड़ेगी GST, छोटे कारोबारी Composition Scheme के बारे में जानिए सबकुछ
GST कंपोजिशन स्कीम छोटे कारोबारियों के लिए एक सरल टैक्स व्यवस्था है, जिसमें कम टर्नओवर वाले व्यापारी कम दर पर टैक्स भर सकते हैं। यह स्कीम टैक्स रिटर्न ...और पढ़ें

GST में Composition Scheme बेहद जरूरी
HighLights
छोटे कारोबारियों को कम टैक्स दर पर GST भरने का अवसर।
₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाले व्यापारी स्कीम के पात्र।
इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलता, अंतरराज्यीय बिक्री वर्जित।
नई दिल्ली| देश में Tax की व्यवस्था को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए सरकार की ओर से GST लागू की गई थी। सरकार के इस फैसले को 9 साल पूरे होने जा रहे हैं। समय-समय पर इस व्यवस्था में कई बदलाव भी हुए, जिसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। सरकार की ओर से छोटे व्यापारियों को लाभ देने के लिए Composition Scheme भी चलाई जाती है, इसमें GST नियमों की तुलना में कम दर से टैक्स देना होता है।
किसे मिलता है Composition Scheme का लाभ?
GST कंपोजिशन स्कीम का फायदा छोटे व्यवसायियों को मिलता है। जिन टैक्सपेयर्स का टर्नओवर ₹1.5 करोड़ तक है। वे कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों और हिमाचल प्रदेश के मामले में, यह सीमा अब ₹75 लाख तक है।
Composition Scheme की दरें क्या हैं?
अब जान लेते हैं कि GST कंपोजिशन स्कीम के तहत टैक्स की दरें कितनी हैं? बता दें कि अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार दरें भी अलग-अलग हैं। ₹1.5 करोड़ से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए व्यापारियों के लिए 1%, मैन्युफैक्चरर्स के लिए भी 1% की दर है। जो रेस्टोरेंट शराब नहीं परोसते उनके लिए 5% और कुछ सर्विस सेक्टर के लिए 6% दर निर्धारित की गई है।
GST कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने के फायदे
- टैक्स की दर कम होती है।
- GST रिटर्न और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया सरल होती है।
- छोटे कारोबारियों पर अनुपालन (Compliance) का बोझ कम होता है।
व्यापारियों को नुकसान क्या हैं?
- Input Tax Credit (ITC) नहीं मिलता।
- ग्राहक से अलग से GST वसूल नहीं सकते।
- अंतरराज्यीय (Inter-State) बिक्री नहीं कर सकते।
- Tax Invoice की जगह Bill of Supply जारी करना होता है।
कौन नहीं उठा सकता है लाभ?
कुछ ऐसे बिजनेस हैं जो GST भरते हुए कंपोजिशन स्कीम को सिलेक्ट नहीं कर सकते हैं। इसमें Inter-State सप्लाई करने वाले कारोबारी होते हैं। इसके अलावा ई-कॉमर्स ऑपरेटर के माध्यम से कुछ खास कैटेगरी में सप्लाई करने वाले, तंबाकू, पान मसाला और आइसक्रीम जैसे कुछ उत्पाद बनाने वाले लोग शामिल नहीं है। सामान्य टैक्स पेयर्स को भी इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा।