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    Bank Loan: बैंक में होने जा रहा है बड़ा बदलाव! ये काम करने वालों को कर्मचारी नहीं AI बांटेगा फटाफट लोन

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 10:06 PM (IST)

    फिक्की-आईबीए बैंकर्स सर्वे के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का बैंकिंग क्षेत्र मजबूत है। 2026 की पहली छमाही तक गैर-खाद्य ऋण वितरण में 11 ...और पढ़ें

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    भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूती के साथ खड़ा है।

    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूती के साथ खड़ा है। हाल ही में हुए उद्योग संगठन फिक्की-आईबीए (FICCI-IBA) बैंकर्स सर्वे में देश के बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ, कर्ज वितरण (Credit Distribution) और भविष्य की तकनीक से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं। यह सर्वे 24 प्रमुख बैंकों (सार्वजनिक, निजी, विदेशी, लघु वित्त और सहकारी बैंक) के अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर आधारित है।

    कितनी बढ़ सकती है कर्ज वितरण की दर?

    कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून 2026) के दौरान गैर-खाद्य क्षेत्र में कर्ज वितरण की वृद्धि दर 11 से 13% रहने का अनुमान है। सर्वे में शामिल 46% बैंकर्स ने यह उम्मीद जताई है। वहीं, 29% का मानना है कि यह वृद्धि 13% से अधिक हो सकती है, जबकि 17% इसे 9-11% के दायरे में देखते हैं। विदेशी बैंकों ने भी इसी 11-13% ग्रोथ की उम्मीद जताई है।
    यह सकारात्मक दृष्टिकोण बैंकों की बेहतर बैलेंस शीट, स्थिर आर्थिक गतिविधियों और मजबूत रिटेल डिमांड पर आधारित है।

    किन सेक्टर्स में होगी लोन की सबसे ज्यादा डिमांड?

    सर्वे के मुताबिक, बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास और सरकारी पूंजी व्यय के कारण निवेश गतिविधियां स्थिर रहेंगी। टर्म लोन की सबसे ज्यादा मांग मुख्य रूप से इन सेक्टर्स में देखने को मिलेगी।

    • बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
    • रियल एस्टेट (Real Estate)
    • ऑटो और ऑटो उपकरण
    • फार्मास्यूटिकल्स (Pharmaceuticals)
    • डेटा सेंटर (Data Centers)
    • रक्षा (Defense) से जुड़े उद्योग

    SME और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए क्या हैं उम्मीदें?

    छोटे उद्यमों (MSME) के बीच व्यापारिक गतिविधियों में सुधार के चलते एसएमई (SME) क्रेडिट की मांग भी मजबूत रहने की संभावना है। इसके अलावा कपड़ा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग के सामान और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर्स में 'औद्योगिक कार्यशील पूंजी' (वर्किंग कैपिटल) के लिए उधारी बढ़ने की मजबूत उम्मीद है। हालांकि, औद्योगिक कर्ज की वृद्धि दर क्रमिक सुधार के साथ थोड़ी धीमी गति से बढ़ने की संभावना है।

    बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या है नई तकनीक और सबसे बड़ी चुनौती?

    बैंकिंग के काम करने के तरीके में बहुत बड़ा तकनीकी बदलाव आने वाला है। बैंकर्स का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बैंकिंग कामकाज और संचालन को पूरी तरह से नया आकार देने जा रहा है। यह सबसे महत्वपूर्ण विकास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस तकनीकी प्रगति के साथ-साथ 'साइबर सुरक्षा'  से जुड़े जोखिम बैंकों के सामने सबसे गंभीर और बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं।

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    मौद्रिक नीति और ब्याज दरों पर बैंकर्स की क्या राय है?

    ज्यादातर बैंकर्स का यह मानना है कि आने वाले महीनों में मौजूदा मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की स्थिति स्थिर ही रहेगी। उनका कहना है कि वर्तमान नीति विकास (Growth) को बढ़ावा देने और महंगाई (Inflation) को नियंत्रित करने के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से उचित है।