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    भारतीय बैंकों ने रचा इतिहास, NPA लगभग किया खत्म; इस बीच MSME के लिए 2.25 लाख करोड़ का विशेष पैकेज

    Updated: Tue, 26 May 2026 08:40 PM (IST)

    भारतीय बैंक 15.90% की रिकॉर्ड वृद्धि दर और 0.40% के न्यूनतम एनपीए के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने MSME के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये का व् ...और पढ़ें

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    सरकार का MSME के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये का व्यापार गारंटी कार्यक्रम।

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    नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने मंगलवार को कहा कि देश के सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के बैंक सालाना 15.90 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ‘बहुत अच्छा’ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक 15.90 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यह भारतीय इतिहास में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि है।

    एनपीए घटकर 0.40 प्रतिशत हुआ

    देश भर में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) भी घटकर 0.40 प्रतिशत रह गई हैं, जो पिछले आंकड़ों की तुलना में कम है।’’’ नागराजू ने पूर्वोत्तर राज्य में दो कार्यक्रमों में भाग लिया, जहां 8,000 लाभार्थियों के लिए 604 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि बैंकों के पास अब मजबूत पूंजी आधार है, जबकि कम एनपीए बैंकों की मजबूती के पीछे एक प्रमुख कारण है।

    2.25 लाख करोड़ रुपये का व्यापार गारंटी कार्यक्रम

    सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए लघु एवं मझोले उद्यमों को समर्थन देने के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये का व्यापार गारंटी कार्यक्रम शुरू किया है। वित्तीय समावेशी उपायों का जिक्र करते हुए नागराजू ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ हुआ है।

    उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय समावेश योजना (जन धन योजना) के तहत 12 वर्षों में कुल 58 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें से 32 करोड़ खाते महिलाओं के हैं।’’ नागराजू ने कहा कि इसी अवधि में प्रमुख मुद्रा योजना के तहत 56 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 67 प्रतिशत महिलाओं को मिले हैं। उन्होंने लोगों से उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण लेने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि वे अधिक ऋण सुविधाओं के लिए पात्र हो सकें।

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    भाषा इनपुट के साथ