Tyre Industry में बढ़ रहा दबाव; नैचुरल रबर की कीमत पहुंची रिकॉर्ड लेवल पर, महंगाई की असली वजह कर देगी हैरान!
प्राकृतिक रबर की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जो ₹253-₹260 प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। इसके कारण आपूर्ति बाधित होने से टायर सहित अन्य उद्योगों पर द ...और पढ़ें

प्राकृतिक रबर की कीमतों में तेज उछाल
नई दिल्ली| पिछले कुछ दिनों में देश के प्राकृतिक रबर (Natural Rubber) की कीमत में तेजी से उछाल आया है। रबर की कीमत ₹253 प्रति किलों तक पहुंच गई हैं। वहीं, केरल के कोट्टायम के कुछ बाजारों में कीमत ₹260 प्रति किलो तक पहुंच गई है। रबर की कीमत में आई बढ़ोतरी का असर रबर आधारित उद्योगों में भी देखने को मिल रहा है।
क्यों बढ़ीं रबर की कीमत
प्राकृतिक रबर की कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा कारण ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष है। पश्चिमी एशिया में चल रहे तनावों के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है जिसका असर प्राकृतिक रबर पर भी पड़ा है। इसके अलावा मौसम भी रबर के उत्पादन के लिए अच्छा नहीं रहा। अधिक गर्मी और बारिश के चलते रबर की पैदावार में कमी आई है, जिसके चलते कीमतों में उछाल आया है।
किसान बना रहे रबर स्टॉक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रबर क्षेत्र के जानकारों ने बताया है कि तापमान बढ़ने से रबर की टैपिंग रोक दी गई थी, यानि की पेड़ों से रबर निकालने के काम में कमी आई थी। वहीं दूसरी ओर खबर ये भी है कि रबर की कीमतों में बढ़ती तेजी को देखते हुए किसानों ने नैचुरल रबर का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है। हालांकि रबर को बहुत अधिक दिनों तक स्टोर करने से उसकी गुणवत्ता में भी असर पड़ सकता है।
उद्योगों पर भी पड़ा असर
नैचुरल रबर की कीमत में उछाल का असर टायर, ऑटोमोबाइल, खिलौने बनाने वाले क्षेत्र और रबर बेस्ड इंडस्ट्री में भी देखने को मिल रहा है। रबर में कीमत बढ़ने के साथ ही आपूर्ति में कमी के चलते टायर उद्योग दबाव में आ सकता है क्योंकि देश में नैचुरल रबर का सबसे अधिक उपयोग इसी क्षेत्र में होता है।
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इंटरनेशनल मार्केट में भी बढ़ी कीमत
व्यापारियों ने बताया कि घरेलू बाजार में रबर बढ़ती कीमतें वैश्विक कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के समान हैं, इंटरनेशनल मार्केट में इन दिनों रबर के दाम ₹288 प्रति किलोग्राम है। आपूर्ति की कमी और लगातार बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। हालांकि इस बढ़त के साथ किसानों को फायदा मिलने की भी संभावना है।
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