सर्च करे
Home

Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Fertilizer Crisis: खरीफ सीजन में फिर बढ़ेगा खाद संकट? स्टोरेज और कीमत को लेकर मंत्रालय ने दी बड़ी जानकारी

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 01:09 PM (IST)

    उर्वरक मंत्रालय ने खरीफ सीजन में खाद संकट की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि देश में उर्वरकों की उपलब्धता मांग से कहीं अधिक है। सरकार अंतरराष्ट्रीय ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    Fertilizer Storage को लेकर उर्वरक मंत्रालय का आंकड़ा (AI Image)

    नई दिल्ली| पिछले खरीफ बुवाई सीजन में खाद की कमी की खबरें देशभर से सामने आई थीं। खाद वितरण केंद्रों में किसानों की लंबी-लंबी लाइनें देखी गई थीं। एक बार खरीफ फसलों की बुवाई का समय आने वाला है उससे पहले देश में खाद की मांग फिर बढ़ने वाली है। वहीं दूसरी ओर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते भी खाद के इंपोर्ट पर सवालिया निशान लगा है। हालांकि उर्वरक विभाग ने खाद की उपलब्धता पर बात कही है।

    खाद में कमी के दावे झूठे?

    उर्वरक विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत की उर्वरक सुरक्षा मजबूत, स्थिर और सुव्यवस्थित बनी हुई है। साथ ही सभी प्रमुख खादों की उपलब्धता किसानों की मांग से ज्यादा है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हाल ही में उर्वरकों की कमी के जो दावे किए जा रहे हैं वो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। मंत्रालय ने ये भी बताया कि हाल ही में समाप्त हुए रबी 2025-26 सीजन और वर्तमान अवधि के आंकड़े देश भर में उर्वरक आपूर्ति की अच्छी स्थिति को दर्शाते हैं।

    मांग से ज्यादा उपलब्धता

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल 1 अप्रैल से 23 अप्रैल तक देश में उर्वरकों की उपलब्धता आवश्यकता से काफी अधिक रही है। मंत्रालय की ओर से बताई जानकारी के अनुसार यूरिया की उपलब्धता 69.33 लाख मीट्रिक टन है जबकि आवश्यकता 18.17 लाख मीट्रिक टन है, वहीं DAP की उपलब्धता 22.78 लाख मीट्रिक टन है जबकि आवश्यकता 5.90 लाख मीट्रिक टन है। MOP की उपलब्धता 8.32 लाख मीट्रिक टन है जबकि जरूरत 1.73 लाख मीट्रिक टन है, NPK की आवश्यकता 7.46 लाख मीट्रिक टन है जबकि उपलब्धता 52.75 लाख मीट्रिक टन बताई गई है। SSP की बात करें तो उपलब्धता 25.60 लाख मीट्रिक टन है जबकि आवश्यकता 3.30 लाख मीट्रिक टन है।

    खरीफ सीजन में कैसी रहेगी खाद सप्लाई

    अब सवाल ये है कि मॉनसून आने के बाद शुरू होने वाली बुवाई के दौरान देश में खाद की उपलब्धता कैसी रहेगी? मंत्रालय ने बताया कि तैयारियों को और मजबूत करते हुए, खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की आवश्यकता 390.54 लाख मीट्रिक टन आंकी गई है, जिसमें से लगभग 180 लाख मीट्रिक टन (46%) पहले से ही प्रारंभिक स्टॉक के रूप में उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर (लगभग 33%) से काफी अधिक है।

    खबरें और भी

    खाद के भाव को लेकर बड़ी बात

    मंत्रालय ने कहा- वैश्विक उर्वरक कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद—जहां यूरिया की अंतरराष्ट्रीय कीमतें ₹4,000 प्रति बोरी से अधिक हो गई हैं—सरकार किसानों को ₹266.5 प्रति 45 किलो बोरी की अत्यधिक रियायती दर पर यूरिया की आपूर्ति जारी रखे हुए है। यह किसानों को वैश्विक मूल्य अस्थिरता से बचाने के साथ-साथ उनकी सामर्थ्य और उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

    सोर्स- PIB

    ये भी पढ़ें: DPIIT ने जारी की ₹10,000 करोड़ के FoF 2.0 के लिए गाइडलाइंस, भारत के स्टार्टअप फंड्स में आएगी तेजी?