सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    SIP vs Gold vs PPF: ₹5000 का निवेश, और ₹1 करोड़ का फंड तैयार; लेकिन कहां पैसा डालना सही? समझें पूरा कैलकुलेशन

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 04:51 PM (IST)

    यह लेख ₹5000 मासिक निवेश से ₹1 करोड़ का फंड बनाने के लिए SIP, सोने और PPF जैसे विकल्पों की तुलना करता है। इसमें बताया गया है कि किस विकल्प में कितना स ...और पढ़ें

    ₹5000 का निवेश, और ₹1 करोड़ का फंड तैयार; लेकिन कहां पैसा डालना सही समझें पूरा कैलकुलेशन (AI Generated)

    ₹5000 का निवेश, और ₹1 करोड़ का फंड तैयार; लेकिन कहां पैसा डालना सही समझें पूरा कैलकुलेशन (AI Generated)

    HighLights

    1. SIP से 26 साल में ₹1 करोड़ का फंड संभव।

    2. सोने में निवेश से 29 साल में करोड़पति बन सकते हैं।

    3. PPF में ₹1 करोड़ के लिए बहुत लंबा समय लगेगा।

    नई दिल्ली। हर महीने होने वाली बचत से आप कई सालों बाद लाखों और करोडों का फंड तैयार कर सकते हैं, लेकिन निवेश आपको कई सालों तक लगातार करना होगा और लंबे समय के लिए उस पैसे को निवेश करने के बाद भूल जाना होगा। देखा जाए तो यहां पूरा खेल निवेश का नहीं, बल्कि सही समय सही रकम निवेश करने का है।

    लेकिन निवेश करने से पहले ये पता होना भी जरूरी है कि जो पैसा आप निवेश कर रहे हैं, वो लंबे वक्त के बाद कितना रिटर्न देगा और उसे निवेश करने में कितना जोखिम हैं। आइए जानते हैं ₹5000 का छोटा से निवेश आपको कब और कैसे करोड़पति बना सकता है।

    तरीका नंबर 1: SIP के जरिए निवेश

    अगर आप हर महीने ₹5000 की SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में शुरू करते हैं, तो अमूमन लॉन्ग टर्म में 12% का रिटर्न मिल जाता है। इस हिसाब से ₹5000 के निवेश से आप 26 सालों में करोड़पति बन सकते हैं।

    • हर महीने का निवेश: ₹5,000
    • निवेश अवधि: 26 साल
    • एवरेज रिटर्न: 12% सालाना
    • 26 सालों का कुल निवेश: ₹15,60,000
    • 26 साल में मिलने वाला ब्याज: ₹91,95,560
    • कुल वैल्यू: ₹1,07,55,560 (1.07 करोड़ रुपये)

    यानी 26 साल में आपकी जेब से सिर्फ साढ़े पंद्रह लाख रुपये जाएंगे, लेकिन कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) की ताकत से आपको मिलेंगे पूरे 1 करोड़ से ज्यादा!

    खबरें और भी

    तरीका नंबर 2: सोने में निवेश

    अगर आप म्यूचुअल फंड में रिस्क नहीं लेना चाहते और सेफ गेम खेलते हुए सोने (Gold) में हर महीने ₹5,000 का निवेश करते हैं, तो सोने के पुराने रिकॉर्ड के हिसाब से यहां आपको करीब 10% का सालाना रिटर्न मिल सकता है।

    • हर महीने का निवेश: ₹5000
    • निवेश की अवधि: 29 साल
    • अनुमानित रिटर्न: 10% सालाना
    • 29 सालों में कुल निवेश: ₹17,40,000
    • सिर्फ ब्याज (Returns): ₹85,19,021
    • कुल वैल्यू: ₹1,02,59,021 (1.02 करोड़ रुपये)

    देखा जाए तो गोल्ड में निवेश सुरक्षित है, क्योंकि इसकी कीमत हमेशा बढ़ती ही रहेगी, लेकिन म्यूचुअल फंड के मुकाबले, इसमें करोड़पति बनने में समय थोड़ा ज्यादा लगेगा।

    सरकारी योजना बेहतर विकल्प?

    आप बाजार के जोखिम से बचने के लिए सरकारी योजनाओं में भी पैसा लगा सकते हैं। सरकार, कई सारी ऐसे योजनाएं चलाती है, जहां लोग छोटी रकम से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और यहां उनके पैसे के डूबने का भी कोई डर नहीं रहेगा।

    सरकारी योजना में पैसा लगाने के जितने लाभ हैं, ऐसे ही उनके कुछ नुकसान भी हैं। पीपीएफ (PPF) या आरडी (RD) जैसे पारंपरिक सरकारी विकल्पों में रिस्क तो नहीं होता, लेकिन वहां रिटर्न बहुत कम (6-7%) मिलता है। अगर आप सिर्फ ₹5000 महीना लगा रहे हैं, तो इन सरकारी स्कीमों से करोड़पति बनने में बहुत ज्यादा समय लग जाएगा। इसलिए यह बेस्ट स्ट्रेटेजी नहीं है।

    PPF में निवेश किया तो:   

    • हर साल का कुल निवेश: ₹50,000
    • निवेश की अवधि: 30 साल
    • स्कीम पर मिलने वाला ब्याज: 7.10%
    • 30 सालों में कुल निवेश: ₹15,00,000
    • रकम में मिलने वाला ब्याज: ₹36,50,304
    • कुल रिटर्न: ₹51,50,304

    देखा जाए तो पीपीएफ स्कीम सेफ है, लेकिन यहां मिलने वाला ब्याज काफी कम है, ऐसे में यहां करोड़ों का फंड जमा करने में भी समय लग सकता है।

    रिस्क कम करने के लिए क्या करें?

    अगर आपको डर लगता है कि सारा पैसा म्यूचुअल फंड (इक्विटी) में डूब न जाए, तो एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि आप अपने पोर्टफोलियो को 'डाइवर्सिफाई' करें। यानी ₹5,000 में से कुछ हिस्सा शेयर्स/म्यूचुअल फंड में डालें, कुछ सोने में और कुछ सुरक्षित डेट फंड्स में। इससे आपका रिस्क बहुत कम हो जाता है और निवेश के सफर में स्थिरता बनी रहती है।

    (डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारी किसी तरह के निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)

    ये भी पढ़ें: Parag Parikh vs HDFC Flexi Cap: ₹3000 की SIP या ₹1 लाख का लमसम, कैलकुलेशन में कहां बना बड़ा फंड?