सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ₹10,000 की SIP से तैयार हुआ ₹4 करोड़ से ज्यादा का कॉर्पस, जानिए 26 साल पुराने इस फंड का नाम और कमाई का राज

    By Jagran BusinessEdited By: Ayushi Modi
    Updated: Mon, 20 Jul 2026 11:50 AM (IST)

    फ्रैंकलिन इंडिया अपॉर्च्युनिटीज फंड ने 26 साल पूरे किए, जिसका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब 9,100 करोड़ रुपये पार कर गया है। इस फंड ने 'मेक इन इंडि ...और पढ़ें

    SIP का जादू! ₹10,000 महीने के निवेश से बनाए ₹4.21 करोड़, जानिए 26 साल पुराने इस धाकड़ फंड का नाम और कमाई का राज

    SIP का जादू! ₹10,000 महीने के निवेश से बनाए ₹4.21 करोड़, जानिए 26 साल पुराने इस धाकड़ फंड का नाम और कमाई का राज

    HighLights

    1. फ्रैंकलिन इंडिया अपॉर्च्युनिटीज फंड ने पूरे किए 26 साल।

    2. ₹10,000 मासिक SIP से बने ₹4.21 करोड़।

    3. 'मेक इन इंडिया' और डिजिटलाइजेशन पर केंद्रित निवेश।

    नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड की दुनिया में एक ऐसा फंड है जिसने हाल ही में 26 साल पूरे किए। वहीं इस खास मौके पर इसका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अब 9,100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। साथ ही इसने अपने निवेशकों का भी अच्छा फायदा करवाया है।

    ये फंड शुरुआत से ही भारतीय अर्थव्यवस्था में आ रहे बड़े और दूरगामी बदलावों पर दांव लगाता रहा है। मुख्य रूप से 'मेक इन इंडिया', लोगों की बढ़ती आमदनी (खरीदारी क्षमता) और तेजी से होते डिजिटलाइजेशन जैसे प्रमुख ट्रेंड्स पर फोकस करके इस फंड ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। आइए जानते हैं इस फंड का नाम क्या है और इसने साल दर साल कितना रिटर्न दिया।

    क्या है इस फंड का नाम?

    म्यूचुअल फंड्स में से एक फ्रैंकलिन इंडिया अपॉर्च्युनिटीज फंड ने बाजार में 26 साल पूरे किए। ये भारत का सबसे पुराने थीमैटिक फंड है। इसकी निवेश की रणनीति 3 बड़े सेक्टर्स पर आधारित है और वो हैं, मेक इन इंडिया, डिजिटलाइजेशन और ऐसी कंपनियों को पहचानना जिनसे लोगों की कमाई और लाइफस्टाइल में सीधा फायदा मिल रहा है।

    कितना मिला रिटर्न?

    फंड का रिकॉर्ड दिखाता है कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा मिला है। अगर किसी निवेशक ने फंड की शुरुआत में एकमुश्त 10,000 रुपये लगाए होते, तो 30 जून 2026 तक उसकी रकम करीब 25 गुना बढ़कर लगभग 2.59 लाख रुपये हो जाती। इस दौरान फंड ने 13.14% सालाना (CAGR) रिटर्न दिया।

    खबरें और भी

    वहीं, अगर किसी निवेशक ने शुरुआत से हर महीने 10,000 रुपये का SIP किया होता, तो उसकी कुल निवेश राशि बढ़कर लगभग 4.21 करोड़ रुपये हो जाती। ये दिखाता है कि रेगुलर निवेश और लंबे समय तक बने रहने से कंपाउंडिंग का कितना बड़ा फायदा मिलता है।

    क्या बोले एक्सपर्ट?     

    टेम्पलटन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स में पोर्टफोलियो मैनेजर (इंडिया इक्विटीज) किरण सेबेस्टियन का कहना है कि, "भारत अब आर्थिक बदलाव के अगले फेज में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की तेजी, लोगों की बढ़ती खरीदारी क्षमता और डिजिटल तकनीक को तेजी से अपनाने से कई अच्छे निवेश अवसर बन रहे हैं। हमारा ध्यान ऐसी मजबूत और अच्छी कंपनियों की पहचान पर है, जो इन लंबे समय के ट्रेंड का फायदा उठा सकें। रिसर्च आधारित और अनुशासित निवेश रणनीति के जरिए हमारा लक्ष्य आने वाले सालों में निवेशकों के लिए लगातार बेहतर दौलत बनाना है।"

    Disclaimer: यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है, कहीं भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

    ये भी पढ़ें: RERA Rules: बिल्डर्स नहीं वसूल पाएंगे मनमाना मेंटेनेंस चार्ज, फ्लैट-दुकानों के नए रेट्स लागू