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    क्या Low NAV वाले म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना ज्यादा फायदेमंद है? दूर कर लीजिए कंफ्यूजन

    Updated: Wed, 07 Jan 2026 03:48 PM (IST)

    नए निवेशकों में कम NAV वाले म्यूचुअल फंड (Low NAV Mutual Fund) को बेहतर मानने की गलतफहमी होती है। NAV केवल एक यूनिट की कीमत है, और कम NAV का मतलब सस्त ...और पढ़ें

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    लो एनएवी वाला फंड निवेश के लिए सही या नहीं?

    नई दिल्ली। अक्सर नए निवेशकों के मन में यह सवाल आता है कि क्या कम NAV (नेट एसेट वैल्यू) वाले म्यूचुअल फंड में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है? कई लोग शेयर बाजार की तरह यह मान लेते हैं कि कम कीमत वाला फंड सस्ता है और भविष्य में ज्यादा रिटर्न देगा। लेकिन म्यूचुअल फंड के मामले में NAV को समझना और उससे जुड़े भ्रम को दूर करना बहुत जरूरी है, क्योंकि सिर्फ कम NAV देखकर निवेश का फैसला लेना सही रणनीति नहीं मानी जाती।

    क्या होती है NAV?

    NAV का मतलब होता है किसी म्यूचुअल फंड की एक यूनिट की मौजूदा कीमत। यह कीमत फंड की कुल संपत्ति से उसकी देनदारियां घटाकर निकाली जाती है। जब कोई नया म्यूचुअल फंड लॉन्च होता है, तो उसका NAV जितना होगा, उसमें समय के साथ फंड का अच्छा प्रदर्शन करने पर बढ़ोतरी होती है।
    इसलिए कम NAV का मतलब यह नहीं है कि फंड सस्ता है, बल्कि यह सिर्फ यह दिखाता है कि फंड अभी शुरुआती चरण में हो सकता है।

    निवेश से मिलने वाला फायदा किस बात पर निर्भर?

    असल में निवेश से मिलने वाला फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि फंड का पोर्टफोलियो कैसा है, फंड मैनेजर का अनुभव कितना है और फंड की निवेश रणनीति कितनी मजबूत है। उदाहरण के लिए, यदि आपने ₹10 NAV वाले फंड में ₹10,000 लगाए और NAV दोगुना होकर ₹20 हो गया, तो आपको वही रिटर्न मिलेगा जो ₹100 NAV वाले फंड में निवेश करने पर NAV के ₹200 होने से मिलता। इन दोनों मामलों में प्रतिशत रिटर्न समान ही है।

    इन फैक्टर्स पर जरूर करें गौर

    लो NAV वाले फंड का एक मनोवैज्ञानिक फायदा जरूर होता है कि निवेशक ज्यादा यूनिट्स खरीद पाता है, जिससे उसे संतोष महसूस होता है। लेकिन ज्यादा यूनिट्स का मतलब ज्यादा मुनाफा नहीं होता। अगर फंड का प्रदर्शन कमजोर है, तो कम NAV होने के बावजूद रिटर्न कम ही रहेगा। इसलिए निवेश से पहले फंड का ट्रैक रिकॉर्ड, एक्सपेंस रेशियो, जोखिम स्तर और निवेश उद्देश्य को जरूर समझना चाहिए।

    न खास फायदा, न नुकसान

    लो NAV वाले म्यूचुअल फंड में निवेश करना अपने आप में न तो ज्यादा फायदेमंद होता है और न ही नुकसानदायक। असली फायदा सही फंड चुनने, लंबे समय तक निवेश बनाए रखने और अपने वित्तीय लक्ष्य के अनुसार योजना बनाने में है। समझदारी भरा निवेश वही है जिसमें NAV से ज्यादा फंड की गुणवत्ता और संभावनाओं पर ध्यान दिया जाए।

    ये भी पढ़ें - मल्टी कैप और फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड में क्या हैं 5 बड़े अंतर? इस कैटेगरी में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद

    (डिस्क्लेमर: यहां म्यूचुअल फंड की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)