Mutual Fund News: सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए आसान किए नियम, अब इन कामों के लिए भी मिल सकेगा कर्ज!
सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए इंट्रा-डे कर्ज लेने के नियमों को आसान बनाया है, जिससे अब वे निवेशकों को भुगतान के साथ-साथ व्यापार निपटान, विदेशी मुद्रा और ...और पढ़ें

म्यूचुअल फंड कंपनियों को SEBI की बड़ी राहत, नकदी प्रबंधन और कर्ज लेने के नियमों में किया ये बड़ा बदलाव
नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड के लिए नकदी प्रंबंधन को लेकर कारोबार के दौरान कर्ज लेने के नियमों में आसान बनाया है। इसके तहत नियामक ने शुक्रवार को म्यूचुअल फंड कंपनियों को कारोबार के दौरान लिए जाने वाले अल्पकालिक ऋण का उपयोग केवल निवेशकों को धन लौटाने तक सीमित रखने के बजाय व्यापार निपटान, विदेशी मुद्रा दायित्वों और डेरिवेटिव मार्जिन भुगतान सहित व्यापक नकदी प्रबंधन जरूरतों के लिए करने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस कदम का उद्देश्य उन परिचालन संबंधी चुनौतियों को दूर करना है, जिनका सामना परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को विभिन्न योजनाओं में नकदी के बाहर जाने और आने के बीच समय अंतर के कारण करना पड़ता है। वर्तमान में कारोबार के दौरान लिया जाने वाला अल्पकालिक ऋण म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए नकदी प्रवाह प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण साधन है, जिससे कोष प्रबंधकों को भुगतान दायित्वों और निपटान आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने में सहायता मिलती है।
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय संवाददाताओं को बताया कि बाजार नियामक के निदेशक मंडल ने म्यूचुअल फंड विनियम, 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत म्यूचुअल फंड कंवपिश्सें को दैनिक नकदी असंतुलन को पूरा करने के लिए कारोबार के दौरान ऋण लेने की सुविधा दी जाएगी। संशोधन के तहत म्यूचुअल फंड इकाइयों को परिसंपत्ति वर्गों के भीतर भुगतान-प्राप्ति निपटान समय अंतर, विदेशी मुद्रा निपटान, डेरिवेटिव स्थितियों के मूल्य परिवर्तन से जुड़े भुगतान आदि को पूरा करने के लिए कारोबार के दौरान ऋण लेने की अनुमति होगी। हालांकि यह कुछ सुरक्षा उपायों के अधीन होगा।
यह सुविधा वर्तमान में उपलब्ध उस प्रावधान के अतिरिक्त होगी, जिसके तहत निवेशकों को धन लौटाने जैसे कार्यों के लिए योजना की शुद्ध परिसंपत्तियों के 20 प्रतिशत तक ऋण लेने की अनुमति है।
सेबी ने कहा कि ऐसे कारोबार के दौरान ऋण की मात्रा दिन में प्राप्त होने वाली राशि तक सीमित रहेगी। इस सीमा से अधिक कारोबार के ऋण केवल निवेशकों को धन लौटाने के लिए ही लिया जा सकेगा। हालांकि परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कारोबार के दौरान लिए गए सभी ऋण उसी दिन कारोबार के अंत तक चुका दिए जाएं। यदि किसी कारोबार के दौरान ऋण को एक दिन के लिए कर्ज तक बढ़ाया जाता है, तो वह नियामकीय सीमाओं के भीतर और केवल अनुमत उद्देश्यों के लिए ही होगा।