Silver Price: चांदी ने दिया बंपर रिटर्न तो निवेशकों ने की जमकर 'प्रॉफिट बुकिंग', क्या आपको भी बेच देना चाहिए ETF?
फरवरी में सिल्वर ईटीएफ में 27 महीनों में पहली बार 826.3 करोड़ रुपये का शुद्ध आउटफ्लो हुआ। चांदी की कीमतों में भारी उछाल (जनवरी में 19%, फरवरी में 10%) ...और पढ़ें

नई दिल्ली। भारत के सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में फरवरी महीने में 27 महीनों के दौरान पहली बार शुद्ध निकासी (नेट आउटफ्लो) दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों में भारी उछाल और बाजार में बढ़ती अस्थिरता के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए अपना पैसा निकाला है। फरवरी महीने में सिल्वर ईटीएफ में 4,628 करोड़ रुपये का सकल निवेश (ग्रॉस इनफ्लो) हुआ, जबकि निवेशकों ने 5,455 करोड़ रुपये की निकासी (रिडेम्पशन) की।
इसके परिणामस्वरूप 826.3 करोड़ रुपये का शुद्ध आउटफ्लो रहा। नवंबर 2023 के बाद यह पहली बार है जब इसमें शुद्ध निकासी हुई है। इससे ठीक पहले, जनवरी 2026 में सिल्वर ईटीएफ में 9,463.40 करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध निवेश हुआ था।
पिछले कुछ सालों में, सिल्वर ईटीएफ में निवेशकों की भारी भागीदारी देखी गई थी। साल 2024 के 8,568 करोड़ रुपये की तुलना में 2025 में सिल्वर ईटीएफ में 23,472 करोड़ रुपये का विशाल निवेश आया था।
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी
पिछले कई महीनों से चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। जनवरी में 19 प्रतिशत की वृद्धि के बाद, फरवरी में चांदी की कीमतों में 10 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हुई। साल 2026 में अब तक चांदी लगभग 20 प्रतिशत महंगी हो चुकी है। इससे पहले, दिसंबर 2025 में कीमतों में 27 प्रतिशत और नवंबर 2025 में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
अगर पूरे साल की बात करें तो 2024 में 22 प्रतिशत की बढ़त के बाद, साल 2025 में चांदी में 148 प्रतिशत का ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया था।
विशेषज्ञों की राय: निवेशकों ने बुक किया मुनाफा
विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 में कीमतों की चाल मध्यम अवधि में आगे बढ़ने से पहले चांदी में एक संभावित 'कंसोलिडेशन' (समेकन) चरण का संकेत देती है। साल 2025 में चांदी की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ीं, जिसके कारण कई निवेशकों ने मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) करना बेहतर समझा।
इसके अलावा, कुछ समझदार निवेशकों ने हाल के दिनों में अपने निवेश को 'ओवर-हीटेड' कीमती धातुओं से निकालकर अपेक्षाकृत आकर्षक कीमत वाले शेयर बाजार (इक्विटी) में लगा दिया है।
गोल्ड ईटीएफ के निवेश में भी आई भारी सुस्ती
इस बीच, फरवरी में गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में भी निवेश की रफ्तार काफी धीमी हो गई। निवेशकों ने फरवरी में 5,255 करोड़ रुपये डाले, जो जनवरी 2026 में दर्ज किए गए 24,039.96 करोड़ रुपये की तुलना में एक बहुत बड़ी गिरावट है।
अब घरेलू बाजार के आधार पर होगा मूल्यांकन: SEBI
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने फरवरी के अंत में म्यूचुअल फंड योजनाओं द्वारा रखे गए भौतिक (फिजिकल) सोने और चांदी के लिए मूल्यांकन ढांचे में बड़ा बदलाव किया है।
म्यूचुअल फंड अब मान्यता प्राप्त घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा प्रकाशित 'पोल्ड स्पॉट कीमतों' का उपयोग करके भौतिक सोने और चांदी का मूल्यांकन करेंगे। यह कदम लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की फिक्सिंग कीमतों (जिसे मुद्रा, कस्टम ड्यूटी और स्थानीय लागतों के लिए समायोजित किया जाता था) का उपयोग करने की वर्तमान प्रथा की जगह लेगा।
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