Mutual Fund SIP: गिरते बाजार में निवेश शुरू करें या रोकें? जान लीजिए 'वेल्थ क्रिएशन' का असली फॉर्मूला
म्यूचुअल फंड में एसआईपी छोटे निवेशकों के लिए लोकप्रिय है। बाजार में गिरावट के दौरान एसआईपी शुरू करने को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। ...और पढ़ें

म्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करने का सही समय कब?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड में SIP (Systematic Investment Plan) आज के समय में छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए निवेश का सबसे लोकप्रिय तरीका बन चुका है। SIP के माध्यम से निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करके धीरे-धीरे एक बड़ा फंड बना सकते हैं। लेकिन जब शेयर बाजार लगातार गिर रहा हो, तब बहुत से लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या अभी SIP शुरू करना सही रहेगा या बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। मौजूदा समय में बाजार में गिरावट जरूर है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह परिस्थिति कई मायनों में अवसर भी बन सकती है।
गिरता बाजार SIP के लिए क्यों हो सकता है फायदेमंद?
जब शेयर बाजार गिरता है तो कई अच्छे और मजबूत कंपनियों के शेयर भी कम कीमत पर उपलब्ध होने लगते हैं। SIP की खासियत यह है कि इसमें निवेशक हर महीने निवेश करते हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग स्तरों पर यूनिट्स मिलती हैं।
बाजार गिरने पर उसी राशि में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। समय के साथ जब बाजार दोबारा ऊपर जाता है, तो इन यूनिट्स का मूल्य भी बढ़ता है। इस तरह गिरता बाजार लंबे समय के निवेशकों के लिए औसत लागत कम करने का मौका देता है।
बाजार को टाइम करना लगभग असंभव है
बहुत से लोग निवेश शुरू करने से पहले सही समय का इंतजार करते रहते हैं। वे चाहते हैं कि बाजार बिल्कुल नीचे हो और वहीं से निवेश शुरू करें। लेकिन वास्तविकता यह है कि बाजार का सटीक निचला स्तर पहचानना लगभग असंभव होता है।
कई बार बाजार अचानक तेजी से ऊपर चला जाता है और इंतजार करने वाले निवेशक मौका खो देते हैं। SIP की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसमें बाजार को टाइम करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि समय के साथ निवेश अपने आप संतुलित हो जाता है।
मौजूदा माहौल में निवेश करते समय क्या सावधानी रखें?
हालांकि गिरते बाजार में SIP शुरू करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि तय करें। केवल सुनी-सुनाई बातों या बाजार की अफवाहों के आधार पर निवेश न करें।
अच्छी प्रतिष्ठा वाले फंड हाउस और लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड चुनना भी महत्वपूर्ण है। साथ ही, निवेश करते समय धैर्य बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का सामान्य हिस्सा है।
SIP का असली फायदा लंबी अवधि में मिलता है
SIP को हमेशा लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए। अगर कोई निवेशक 10 से 15 साल या उससे ज्यादा समय तक नियमित रूप से निवेश करता है, तो बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव का असर काफी हद तक कम हो जाता है।
लंबे समय में बाजार का रुझान आमतौर पर ऊपर की ओर ही रहता है। इसलिए अगर किसी का लक्ष्य भविष्य के लिए संपत्ति बनाना, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट फंड तैयार करना है, तो SIP एक अनुशासित और प्रभावी तरीका हो सकता है।
नियमित निवेश और अनुशासन ही सफलता की कुंजी
SIP का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह निवेश में अनुशासन लाता है। हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करने की आदत धीरे-धीरे एक मजबूत निवेश पोर्टफोलियो बना सकती है। मौजूदा गिरते बाजार में घबराने के बजाय निवेशक इसे लंबी अवधि के नजरिए से देखें। नियमित निवेश, धैर्य और सही योजना के साथ SIP भविष्य में अच्छे रिटर्न देने की क्षमता रखता है।
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