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    नॉर्मल SIP जाइए भूल, 'Step-Up SIP' के इस जादुई फॉर्मूले से जल्दी बनेंगे करोड़पति! समझ लीजिए कैलकुलेशन

    Updated: Wed, 06 May 2026 12:44 PM (IST)

    आज के समय में महंगाई के कारण पैसे बचाना ही नहीं, बल्कि सही जगह निवेश करना भी महत्वपूर्ण है। SIP और Step-Up SIP ऐसे ही लोकप्रिय विकल्प हैं जो लंबे समय ...और पढ़ें

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    स्टेप-अप एसआईपी है म्यूचुअल फंड का बढ़िया ऑप्शन

    नई दिल्ली। आज के समय में केवल पैसे बचाना ही पर्याप्त नहीं रह गया है, बल्कि उसे सही जगह निवेश करना भी बेहद जरूरी हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में अगर आपका पैसा कहीं निवेश नहीं होता, तो समय के साथ उसकी वास्तविक वैल्यू घटती जाती है। यही कारण है कि SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और स्टेप-अप एसआईपी (Step-Up SIP) जैसे निवेश विकल्प तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। ये न केवल निवेश को आसान बनाते हैं, बल्कि लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने में भी मदद करते हैं।

    क्या है SIP और Step-Up SIP में अंतर?

    एसआईपी एक सरल निवेश तरीका है, जिसमें आप हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में लगाते हैं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है और धीरे-धीरे एक मजबूत निवेश तैयार हो जाता है।

    दूसरी ओर, स्टेप-अप एसआईपी को एसआईपी का एडवांस रूप माना जाता है। इसमें आप हर साल अपनी निवेश राशि बढ़ाते हैं। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनकी आय समय के साथ बढ़ती है, जैसे नौकरी करने वाले लोग।

    सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग

    उदाहरण के तौर पर, अगर आपने शुरुआत में 5,000 रुपये निवेश किए, तो अगले साल इसे 6,000 या 7,000 रुपये तक बढ़ा सकते हैं। इससे आपकी आय के साथ आपका निवेश भी बढ़ता है और आपको ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
    इसका सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है, यानी आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर और रिटर्न कमाने लगता है।

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    उदाहरण से समझें पूरा गणित

    मान लीजिए आपने 1 लाख रुपये निवेश किए और उस पर 10% का रिटर्न मिला, तो एक साल बाद यह राशि 1.10 लाख रुपये हो जाएगी। अगले साल रिटर्न 1 लाख पर नहीं, बल्कि 1.10 लाख रुपये पर मिलेगा। यही प्रक्रिया समय के साथ आपके निवेश को तेजी से बढ़ाती है। एसआईपी और स्टेप-अप एसआईपी दोनों में कंपाउंडिंग का यही असर देखने को मिलता है।

    अगर कोई व्यक्ति 10 साल तक हर महीने 5,000 रुपये की एसआईपी करता है और उसे औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो कुल निवेश 6 लाख रुपये होगा, जो बढ़कर लगभग 11.5 से 12 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
    वहीं, अगर वही व्यक्ति स्टेप-अप एसआईपी अपनाता है और हर साल 10% निवेश बढ़ाता है, तो कुल निवेश करीब 9 से 10 लाख रुपये हो सकता है, लेकिन इसका फंड 17 से 18 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। 

    5000 रुपये से शुरू करके 20 साल तक हर साल 10 फीसदी एसआईपी राशि बढ़ाकर करीब 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा, जिसमें अनुमानित सालाना 12-13 फीसदी रिटर्न रहेगा।
    सामान्य एसआईपी में हर महीने 5000 रुपये की एसआईपी से करोड़पति बनने में 26-27 साल लग सकते हैं।

    स्टेप-अप एसआईपी से फायदा

    साफ है कि स्टेप-अप एसआईपी में थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एसआईपी एक आसान और अनुशासित निवेश तरीका है, जो छोटे निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद है। इसमें जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है और बाजार के सही समय का अंदाजा लगाने की जरूरत नहीं होती। साथ ही, यह नियमित बचत की आदत भी विकसित करता है।

    वहीं, स्टेप-अप एसआईपी महंगाई के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। जैसे-जैसे आपकी आय बढ़ती है, आप निवेश भी बढ़ा सकते हैं, जिससे लंबे समय में बड़ा फंड तैयार होता है। यही वजह है कि इसे वेल्थ क्रिएशन के लिए एक प्रभावी रणनीति माना जाता है।

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