Budget 2026: पति-पत्नी और 'सिंगल ITR', बजट में मिलेगी ये सौगात? जॉइंट टैक्स सिस्टम से होगा ये बड़ा फायदा
ICAI ने बजट 2026 से पहले शादीशुदा जोड़ों के लिए वैकल्पिक जॉइंट टैक्स सिस्टम का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाना, निष्पक्ष ...और पढ़ें

बजट 2026 में जॉइंट टैक्स सिस्टम देने का सुझाव
नई दिल्ली। आम बजट 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और 1 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट (Budget 2026) को लेकर देशवासियों की बेसब्री बढ़ गई है। खासकर, टैक्स के मोर्चे पर सरकार इस बजट में और क्या राहत दे सकती है यह जानने के लिए हर टैक्सपेयर उत्सुक है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस बजट में पति-पत्नी के लिए जॉइंट टैक्सेशन (Joint Taxation) पर कोई एलान किया जा सकता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ICAI ने अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों से इनपुट लेकर जॉइंट टैक्सेशन का सुझाव दिया है।
क्या है ICAI का सुझाव?
बजट 2026-27 से पहले, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने भारत में शादीशुदा जोड़ों के लिए एक ऑप्शनल जॉइंट टैक्स सिस्टम शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। यह सुझाव ICAI की बजट से पहले की सिफारिशों का हिस्सा है। इस सुझाव का मकसद टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाना, टैक्सेशन में निष्पक्षता लाना और कुल मिलाकर टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूत करना है।
फिलहाल, भारत में इनकम टैक्स कानून के तहत पति-पत्नी को जॉइंट इनकम-टैक्स रिटर्न फाइल करने की इजाज़त नहीं है। हर व्यक्ति पर अलग से टैक्स लगता है, चाहे उसकी शादी हुई हो या घर की इनकम का स्ट्रक्चर कैसा भी हो।
जॉइंट टैक्ससेशन से क्या फायदे?
मौजूदा सिस्टम के तहत, पति-पत्नी को अलग-अलग टैक्सपेयर माना जाता है इसलिए उन्हें अलग-अलग रिटर्न फाइल करना होता है। यह स्ट्रक्चर डबल इनकम वाले परिवारों के लिए काफी अच्छा काम करता है, क्योंकि दोनों पति-पत्नी अलग-अलग छूट की सीमा, डिडक्शन और रिबेट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि, यह सिस्टम सिंगल-इनकम वाले परिवारों के लिए ज्यादा किफायती नहीं हो सकता है, जहां पति या पत्नी दूसरे से काफी ज़्यादा कमाते हैं। ऐसे मामलों में, टैक्स का पूरा बोझ एक ही व्यक्ति पर पड़ता है, जिससे अक्सर इनकम ज़्यादा टैक्स स्लैब में चली जाती है।
ICAI का मानना है कि जॉइंट टैक्सेशन से परिवार को एक सिंगल आर्थिक यूनिट मानकर एक ज़्यादा निष्पक्ष टैक्स सिस्टम बनाया जा सकता है। इस प्रस्ताव का मकसद टैक्स चोरी को रोकना भी है, जैसे कि टैक्स देनदारी कम करने के लिए परिवार के सदस्यों को इनकम ट्रांसफर करना।
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बता दें कि यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में ज्वाइंट टैक्सेशन की सुविधा है, यहां शादीशुदा जोड़ों को इनकम को मिलाकर एक सिंगल रिटर्न फाइल करने की इजाज़त मिलती है।
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