सर्च करे
Home

Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कैसे तय होती है आपके Credit Card की लिमिट? क्या है इसे लेकर नियम

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 07:07 AM (IST)

    क्रेडिट कार्ड की लिमिट बैंक कई कारकों जैसे सैलरी, नौकरी की स्थिरता और खर्च करने की आदतों के आधार पर तय करते हैं। क्रेडिट स्कोर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    आज डेबिट कार्ड की तरह लोग बढ़-चढ़कर क्रेडिट कार्ड का भी उपयोग करने लगे हैं। क्योंकि इसके जरिए लोगों को कई आकर्षक लाभ जैसे रिवॉर्ड प्वाइंट्स और कैशबैक मिल जाता है। हालांकि इसे भी आप एक लिमिट तक ही उपयोग कर सकते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है क्रेडिट कार्ड की ये लिमिट कैसे तय होती है?

    कैसे तय होती है लिमिट?

    बैक या कोई भी वित्तीय संस्थान या क्रेडिट कार्ड प्रोवाइडर कई बातों को देखकर इसकी लिमिट तय करता है-

    • कार्ड होल्डर को हर महीने कितनी सैलरी मिलती है 
    • नौकरी पेशा कैसा है?
    • नौकरी स्थिर है या नहीं?
    • क्रेडिट स्कोर भी रखा जाता है खास ध्यान
    • इसके साथ ही कार्ड होल्डर के खर्चों की आदत और पैटर्न को देखा जाता है। 
    • जैसे क्या बार-बार हर खर्च के लिए क्रेडिट कार्ड उपयोग किया जा रहा है?

    क्या होता है क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर?

    क्रेडिट स्कोर के जरिए अक्सर बैंक या वित्तीय संस्थान ये देखती है कि कार्ड होल्डर की उधार चुकाने की क्षमता कितनी है? क्योंकि ये स्कोर आपके वित्तीय प्रदर्शन जैसे लोन या क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने के पैटर्न के आधार पर दिया जाता है। 

    30% करें उपयोग

    विशेषज्ञ ये मानते हैं कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट का केवल 30 फीसदी ही उपयोग करना चाहिए। ऐसा करने से उनके क्रेडिट स्कोर पर प्रभाव नहीं पड़ता। आप किस तरह से क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रहे हैं इसका असर भी क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है।   

    क्रेडिट स्कोर का महत्व तब समझ आता है जब आप लोन लेने जाए या लोन लेने का प्लान बना रहे हो। अगर किसी व्यक्ति का क्रे़डिट स्कोर अच्छा है तो उसे कम ब्याज पर ज्यादा से ज्यादा लोन मिल जाता है। इसलिए क्रेडिट स्कोर का आज के समय में काफी महत्व है।  

    यह भी पढ़ें:- Credit Card से UPI Payment करने पर मिलेंगे रिवॉर्ड पॉइंट्स, क्या है तरीका