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    कहां लगाएं पैसा? EPF vs बैंक FD, PPF, SCSS और SSY में कौन दे रहा सबसे ज्यादा ब्याज; कहां मिलता है ज्यादा रिटर्न?

    Updated: Fri, 06 Mar 2026 01:37 PM (IST)

    निवेश के सुरक्षित विकल्पों में EPF, बैंक FD, PPF, SCSS और SSY प्रमुख हैं। EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज दर तय की है, जो लगातार ...और पढ़ें

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    कहां लगाएं पैसा? EPF vs बैंक FD, PPF, SCSS और SSY में कौन दे रहा सबसे ज्यादा ब्याज; कहां मिलता है ज्यादा रिटर्न?

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    नई दिल्ली| निवेश के लिए सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाली स्कीम की तलाश कर रहे लोगों के लिए EPF, बैंक FD, PPF, SCSS और SSY जैसे विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं। मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो कर्मचारियों के लिए EPF (एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड) सबसे प्रतिस्पर्धी और ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीमों में शामिल है।

    सरकारी रिटायरमेंट फंड संस्था EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर ब्याज दर 8.25% तय की है। लगातार तीसरे साल यह दर बरकरार रखी गई है। सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद EPFO ने मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए स्थिर और प्रतिस्पर्धी रिटर्न सुनिश्चित किया है।

    अलग-अलग स्कीम में कितना मिलता है ब्याज?

    निवेश विकल्प मौजूदा ब्याज दर (लगभग) खास बातें
    EPF (एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड) 8.25% स्थिर और ऊंचा रिटर्न, सालाना कंपाउंडिंग, नियोक्ता का योगदान भी मिलता है
    SCSS (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम) 8.20% रिटायर लोगों के लिए आकर्षक, सिर्फ सीनियर सिटीजन के लिए
    SSY (सुकन्या समृद्धि योजना) 8.20% बेटी की पढ़ाई-शादी के लिए योजना, लंबा लॉक-इन
    NSC (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) 7.70% तय अवधि, मैच्योरिटी पर ब्याज टैक्सेबल
    PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) 7.10% 15 साल का लॉक-इन, मैच्योरिटी टैक्स-फ्री
    बैंक FD (फिक्स डिपोजिट) 6.5% – 7.5% बैंक और अवधि के अनुसार दरें बदलती हैं, ब्याज टैक्सेबल

    EPF क्यों देता है ज्यादा फायदा?

    EPF की 8.25% सालाना ब्याज दर मौजूदा समय में ज्यादातर बैंक FD और PPF से ज्यादा है। इसके अलावा SCSS और SSY की दरें करीब 8.2% हैं, लेकिन इन योजनाओं में पात्रता और उद्देश्य से जुड़े प्रतिबंध होते हैं।

    EPF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कर्मचारी के साथ-साथ नियोक्ता भी योगदान देता है, जिससे लंबे समय में कुल बचत और रिटर्न बढ़ जाता है। इसके अलावा रिटायरमेंट के समय तक जमा रकम पर मिलने वाला ब्याज भी तय सीमा तक टैक्स-फ्री रहता है, जिससे वास्तविक रिटर्न और बेहतर हो जाता है।

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    निवेशकों के लिए क्या संकेत?

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में RBI की दरों में कटौती के बाद कई बैंक FD की ब्याज दरें कम हुई हैं, जबकि EPF की दर स्थिर बनी हुई है। ऐसे में सैलरीड कर्मचारियों के लिए EPF अभी भी लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के तौर पर मजबूत विकल्प बना हुआ है।

    हालांकि निवेश का फैसला करते समय लक्ष्य, समय अवधि और टैक्स स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।