EPS पेंशन क्लेम में क्यों होती है देरी? सरकार ने गिनाईं 3 वजह; सही दस्तावेज हों तो 20 दिन में मिल जाती है पेंशन
EPS Pension Claim: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत सही तरीके से जमा किए गए पेंशन क्लेम का निपटान 20 दिनों में हो जाता है। सरकार ने संसद में बताया कि ...और पढ़ें

EPS पेंशन क्लेम में क्यों होती है देरी? सरकार ने गिनाईं 3 वजह; सही दस्तावेज हों तो 20 दिन में मिल जाती है पेंशन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत पेंशन क्लेम (EPS Claim) सही तरीके से जमा किया जाए तो उसका निपटान 20 दिनों के भीतर कर दिया जाता है। सरकार ने संसद में यह जानकारी देते हुए बताया कि ज्यादातर मामलों में देरी या क्लेम रिजेक्ट होने की वजह अधूरे फॉर्म या गलत दस्तावेज होते हैं।
लोकसभा में सोमवार 9 मार्च 2026 को एक सवाल के लिखित जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे (Shobha Karandlaje) ने बताया कि अगर क्लेम आवेदन सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ पूरी तरह सही होता है, तो 20 दिनों के भीतर उसका निपटान कर भुगतान कर दिया जाता है।
शोभा करंदलाजे ने क्या बताई बड़ी वजह?
मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि,
जब आवेदन या दस्तावेज पूरे नहीं होते, तब क्लेम प्रोसेस में अतिरिक्त समय लग जाता है। क्योंकि जरूरी जानकारी या दस्तावेज पूरे करने में समय लगता है।"
किन कारणों से रिजेक्ट होते हैं EPS पेंशन क्लेम
सरकार के मुताबिक, ईपीएस पेंशन क्लेम (EPS Pension Claim Rejection Reasons) आमतौर पर कुछ सामान्य कारणों से खारिज हो जाते हैं।
- सबसे बड़ा कारण अधूरा या गलत भरा हुआ क्लेम फॉर्म होता है। इसके अलावा कई मामलों में सदस्य की जानकारी में गड़बड़ी भी सामने आती है। जैसे जन्मतिथि, नौकरी छोड़ने की तारीख, सेवा से जुड़ी जानकारी, आधार नंबर या बैंक डिटेल में अंतर होना।
- मृत्यु से जुड़े मामलों में भी कई बार जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए जाते। जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकारी या कानूनी वारिस से जुड़े दस्तावेज। ऐसे मामलों में क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।
- कुछ मामलों में EPF योगदान से जुड़ी गड़बड़ियां भी क्लेम खारिज होने का कारण बनती हैं।
क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना कब होती है कम?
सरकार का कहना है कि अगर सदस्य ऑनलाइन ई-नॉमिनेशन और परिवार की जानकारी पहले से दर्ज कर दें, तो क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना काफी कम हो सकती है। EPFO सभी सदस्यों को ई-नॉमिनेशन और फैमिली डिटेल ऑनलाइन जमा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसके चलते पिछले पांच वर्षों में EPS पेंशन क्लेम रिजेक्शन रेट में लगातार गिरावट देखी गई है।
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समस्या को दूर करने के लिए क्या उठाए कदम?
संसद में EPFO की वेबसाइट पर बार-बार आने वाली तकनीकी दिक्कतों को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर मंत्री ने बताया कि EPFO अपने ‘यूनिफाइड पोर्टल’ के जरिए EPF सदस्यों, नियोक्ताओं और पेंशनधारकों को ऑनलाइन सेवाएं देता है।
तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए व्यापक जांच की गई और सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। पुराने उपकरणों की जगह नए सर्वर और स्टोरेज सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि ज्यादा ट्रैफिक को संभाला जा सके।
इसके अलावा नए राउटर, स्विच, बेहतर इंटरनेट बैंडविड्थ और लोड बैलेंसर लगाए गए हैं, जिससे सेवाओं की स्पीड और कार्यक्षमता बढ़े। साथ ही एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम, नेक्स्ट जनरेशन फायरवॉल और डेटाबेस मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन सुधारों से ईपीएफओ सिस्टम (EPFO Claim Rejection) की क्षमता बढ़ी है और इससे नियोक्ताओं, कर्मचारियों और पेंशनधारकों को ऑनलाइन सेवाएं लेना आसान हुआ है।
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