सर्च करे
Home

Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
    Leaders
    Budget Logo
    • Presented By

      SBI
    • Associate Sponsor

      SBI

    Home Loan: ब्याज में मिलने वाली टैक्स छूट पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, बजट में किया ये एलान

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 09:22 PM (IST)

    FY27 बजट में स्वयं के रहने वाली संपत्ति के होम लोन पर 2 लाख रुपये की ब्याज कटौती में अब खरीद या निर्माण से पहले की अवधि का ब्याज भी शामिल होगा। सरकार ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    Home Loan: ब्याज में मिलने वाली टैक्स छूट पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, बजट में किया ये एलान

    नई दिल्ली, PTI। FY27 के बजट में यह प्रस्ताव दिया गया है कि खुद के रहने वाली प्रॉपर्टी के मामले में होम लोन पर ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स कटौती में अब प्रॉपर्टी खरीदने या बनाने से पहले की अवधि के लिए देय ब्याज भी शामिल होगा।

    सरकार इस मकसद के लिए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 22 (2) में संशोधन करेगी, जिससे 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले नए टैक्स कानून के तहत होम लोन लेने वालों को लगातार राहत मिलती रहेगी।

    बजट दस्तावेज में क्या कहा गया?

    बजट दस्तावेज के अनुसार, इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 22 हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम के मामले में कटौतियों से संबंधित है।

    बजट दस्तावेज में कहा गया है कि सेक्शन 22 (2) के अनुसार, सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के मामले में कुल डिडक्शन की रकम 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी, अगर प्रॉपर्टी उधार लिए गए पैसे से खरीदी या बनाई गई है। हालांकि, 2 लाख रुपये की इस लिमिट में प्रॉपर्टी खरीदने या बनाने के लिए पिछले समय के देय ब्याज का डिडक्शन शामिल नहीं है।

    दस्तावेज में बताया गया है कि एक्ट का सेक्शन 22, इनकम-टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 24 के बराबर है।

    पुराने 1961 के एक्ट के तहत, उधार ली गई पूंजी पर ब्याज के लिए कटौती की कुल राशि में पिछले समय का देय ब्याज शामिल था।

    डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई पर ये फैसला

    यूनियन बजट 2026 में यह प्रस्ताव दिया गया है कि डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स से होने वाली इनकम से जुड़े किसी भी इंटरेस्ट खर्च पर कोई डिडक्शन नहीं दिया जाएगा।

    बजट डॉक्‍यूमेंट्स में कहा गया है, "यह प्रस्ताव है कि डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स से होने वाली इनकम के संबंध में किए गए किसी भी इंटरेस्ट खर्च पर कोई डिडक्शन नहीं दिया जाएगा, और ऐसी डिडक्शन की अनुमति देने वाले मौजूदा प्रावधान को एक तय लिमिट के अधीन हटा दिया जाएगा।"

    यह भी पढ़ें- भारत के बजट से मालामाल हुए भूटान-मालदीव और अफगानिस्तान, बांग्लादेश को झटका; इन सबको भी मिले इतने-इतने रुपये