Sukanya Samriddhi Yojana: शहर बदलने पर सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट हो जाता है बंद? जानिए क्या कहता है नियम
सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक लोकप्रिय बचत योजना है, जिसमें ₹250 से निवेश शुरू कर शानदार ब्याज और टैक्स छूट मिलती है। यह ...और पढ़ें

Sukanya Samriddhi Yojana शहर बदलने पर सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट हो जाता है बंद जानिए क्या कहता है नियम
HighLights
शहर बदलने पर SSY खाता आसानी से ट्रांसफर होता है।
बेटी की उच्च शिक्षा के लिए 50% राशि निकाल सकते हैं।
विशेष परिस्थितियों में खाता समय से पहले बंद हो सकता है।
नई दिल्ली। हर मां-बाप को अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य, ऊंची पढ़ाई और शादी के खर्च की चिंता होती है। इस चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना(Sukanya Samriddhi Yojana) एक बेहतरीन और बेहद पॉपुलर बचत स्कीम बनकर उभरी है। ये छोटी बचत योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाकर अपनी बेटी के लिए एक बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं। इस योजना की सबसे खूबसूरत बात ये है कि इसमें आप मात्र ₹250 से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और आपको शानदार ब्याज के साथ-साथ टैक्स में भी बड़ी छूट का फायदा मिलता है।
अगर इस योजना के नियमों और फायदों की बात करें, तो सरकार इस समय सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% की सालाना दर से तगड़ा ब्याज दे रही है। इस खाते में आप एक वित्तीय वर्ष में ज़्यादा से ज़्यादा ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं। हालांकि, इसमें एक बात का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है कि खाता खुलने के बाद आपको हर साल कम से कम ₹250 का निवेश करना ही होगा, वरना खाता डिफॉल्ट हो जाएगा और उसे दोबारा चालू करने के लिए ₹50 का जुर्माना देना पड़ेगा।
शहर बदलने पर अकाउंट होता है बंद?
अक्सर कई माता-पिता के मन में ये सवाल रहता है कि अगर उनका ट्रांसफर किसी दूसरे शहर में हो जाए, तो इस खाते का क्या होगा? आपको बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना के अकाउंट को आप पूरे भारत में कहीं भी बेहद आसानी से ट्रांसफर करवा सकते हैं। अगर आपके पास अपना निवास स्थान बदलने यानी एड्रेस चेंज का कोई पक्का सबूत है, तो बैंक या पोस्ट ऑफिस आपके इस खाते को बिल्कुल मुफ्त में ट्रांसफर कर देंगे।
लेकिन, अगर आपके पास ट्रांसफर की वजह का कोई वैलिड प्रूफ नहीं है, तो इसके लिए आपको ₹100 की छोटी सी फीस चुकानी होगी। ये ट्रांसफर प्रक्रिया उस बैंक या पोस्ट ऑफिस में होगी जहां आपका मौजूदा खाता चल रहा है।
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SSY अकाउंट से पैसा कैसे निकालें?
अब बात करते हैं कि इस खाते से पैसे कब और कैसे निकाले जा सकते हैं। वैसे तो ये स्कीम पूरे 21 साल में मैच्योर होती है और बेटी के 21 साल की होने पर पूरा पैसा एकमुश्त या किश्तों में मिल जाता है। लेकिन बेटी के 18 साल के होने के बाद उसकी उच्च शिक्षा (Higher Education) के खर्च के लिए पिछले वित्त वर्ष के कुल बैलेंस का 50 प्रतिशत हिस्सा निकाला जा सकता है।
ये पैसा आप साल में एक बार और अधिकतम पांच साल तक किश्तों के रूप में ले सकते हैं। इसके अलावा, कुछ बेहद खास और दुखद परिस्थितियों में इस खाते को समय से पहले बंद करने की अनुमति भी दी जाती है। जैसे, यदि दुर्भाग्यवश अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो डेथ सर्टिफिकेट दिखाकर खाता बंद हो जाएगा और पूरी रकम ब्याज सहित अभिभावक को मिल जाएगी।
इसके अलावा, खाता खुलने के पांच साल बाद भी इसे बंद कराया जा सकता है, बशर्ते मामला जीवन के खतरे से जुड़ी गंभीर बीमारी का हो। अगर इन जायज कारणों के बिना किसी अन्य वजह से आप खाता बंद करना चाहते हैं, तो सरकार इसकी इजाजत तो दे देती है, लेकिन तब आपको इस स्कीम की आकर्षक ब्याज दर का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उस जमा राशि पर सिर्फ एक साधारण सेविंग्स अकाउंट के हिसाब से ही ब्याज दिया जाएगा। इसलिए जानकारों की सलाह यही होती है कि जब तक कोई बड़ी इमरजेंसी न हो, इस खाते को बंद न करें ताकि बेटी के बड़े होने पर उसे पूरा आर्थिक लाभ मिल सके।
कौन खुलवा सकता है खाता?
यदि आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है, तो आप किसी भी नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर उसके नाम पर ये खाता आसानी से खुलवा सकते हैं। नियम के मुताबिक, एक बेटी के नाम पर केवल एक ही खाता खुलेगा और अगर आपकी दो बेटियां हैं, तो दोनों के लिए अलग-अलग खाते खुलवाने होंगे।
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