PPF, SSY, NPS से एडवांस टैक्स तक, 31 मार्च से पहले निपटा लें ये 8 जरूरी काम, वरना देना पड़ सकता है जुर्माना!
31st March Deadline: वित्त वर्ष 2025-26 की 31 मार्च की समय सीमा से पहले 8 महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य निपटाना आवश्यक है। इनमें एडवांस टैक्स भुगतान, निवेश ...और पढ़ें

टैक्स बचाने और जुर्माना टालने के लिए 31 मार्च से पहले करें ये 8 जरूरी काम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और 31 मार्च इसकी आखिरी तारीख (31st March Deadline) है। ऐसे में टैक्स प्लानिंग, निवेश और वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा करने का यह सबसे अहम समय माना जाता है।
अगर कुछ जरूरी काम समय रहते पूरे कर लिए जाएं, तो न सिर्फ टैक्स बचाया जा सकता है बल्कि जुर्माने और ज्यादा टीडीएस कटने से भी बचा जा सकता है। इस खबर में हम आपको 8 जरूरी फाइनेंशियल काम बताने जा रहे हैं, जिन्हें 31 मार्च से पहले पूरा करना जरूरी है। नहीं तो आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
1. एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त
अगर आपकी आय सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं है, जैसे फ्रीलांसिंग, बिजनेस या निवेश से कमाई होती है, तो आपको एडवांस टैक्स देना पड़ सकता है। नियम के मुताबिक 15 मार्च 2026 तक कुल टैक्स देनदारी का 100% भुगतान करना जरूरी है। समय पर भुगतान न करने या कम भुगतान करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत ब्याज लग सकता है।
2. नियोक्ता को निवेश के सबूत
ज्यादातर कंपनियां फरवरी या मार्च में निवेश प्रूफ जमा करने की प्रक्रिया बंद कर देती हैं। इसमें लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, ELSS निवेश स्टेटमेंट, पीपीएफ रिकॉर्ड, होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और HRA के लिए किराया रसीद जैसे दस्तावेज शामिल होते हैं। अगर समय पर प्रूफ जमा नहीं किए गए, तो मार्च की सैलरी से ज्यादा टीडीएस कट सकता है।
3. टैक्स सेविंग निवेश पूरा करें
अगर आपने पुराना टैक्स रिजीम चुना है, तो यह महीना टैक्स बचाने वाले निवेश करने का आखिरी मौका है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती मिलती है। इसके लिए पीपीएफ, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) और सुकन्या समृद्धि योजना जैसे विकल्प मौजूद हैं।
4. NPS में निवेश करके अतिरिक्त टैक्स बचाएं
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करके अतिरिक्त टैक्स बचाया जा सकता है। धारा 80CCD(1B) के तहत इसमें 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती मिलती है, जो 80C की सीमा से अलग है।
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5. PPF और SSY खाते में न्यूनतम राशि
कुछ सरकारी बचत योजनाओं में खाता सक्रिय रखने के लिए न्यूनतम निवेश जरूरी होता है। पीपीएफ में सालाना कम से कम 500 रुपये और सुकन्या समृद्धि योजना में कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। ऐसा न करने पर खाता निष्क्रिय हो सकता है और उसे दोबारा चालू करने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
6. निवेश से हुए कैपिटल गेन की समीक्षा
साल भर में किए गए निवेश जैसे शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी की बिक्री से हुए लाभ की समीक्षा जरूर करें। इससे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का सही हिसाब लगाकर टैक्स देनदारी का अनुमान लगाया जा सकता है।
7. होम लोन के ब्याज और मूलधन की जानकारी
अगर आपके पास होम लोन है, तो बैंक या फाइनेंशियल संस्थान से वार्षिक लोन स्टेटमेंट या ब्याज सर्टिफिकेट डाउनलोड करें। आयकर अधिनियम की धारा 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
8. टैक्स गेन हार्वेस्टिंग पर विचार करें
अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड में 12 महीने से ज्यादा समय तक निवेश किया है, तो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले कुछ मुनाफा बुक करना फायदेमंद हो सकता है। धारा 112A के तहत सूचीबद्ध शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन एक वित्त वर्ष में टैक्स फ्री होता है।
अगर ये सभी जरूरी काम 31 मार्च से पहले पूरे कर लिए जाएं, तो आखिरी समय की भागदौड़ से बचा जा सकता है और उपलब्ध टैक्स लाभों का पूरा फायदा उठाया जा सकता है।
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