PM Shram Mandhan Yojana: बिना सरकारी नौकरी के भी मिलेगी पक्की पेंशन! ₹55 के निवेश से बुढ़ापे में हर महीने पाएं ₹3000!
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है। इसमें मासिक ₹55 से ₹200 जमा कर 60 साल बाद ₹3,000 की मासिक पेंशन मिलती है। ...और पढ़ें

PM Shram Mandhan Yojana बिना सरकारी नौकरी के भी मिलेगी पक्की पेंशन! ₹55 के निवेश से बुढ़ापे में हर महीने मिलेंगे ₹3000!
HighLights
असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सरकारी पेंशन योजना।
मासिक ₹55 से ₹200 जमा कर पाएं ₹3000 पेंशन।
60 साल की उम्र के बाद मिलेगी सुनिश्चित पेंशन।
नई दिल्ली। आज के दौर में हर किसी को अपने भविष्य और बुढ़ापे की चिंता सताती है। खासकर उन लोगों के लिए ये चिंता और बढ़ जाती है जो किसी कंपनी या सरकारी नौकरी में नहीं हैं और रोज़ कमाते-खाते हैं। ठेला चलाने वाले, रिक्शा चालक, मजदूर या छोटे दुकानदार अक्सर सोचते हैं कि जब उम्र बढ़ जाएगी और शरीर साथ नहीं देगा, तब घर का खर्च कैसे चलेगा?
इसी परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की एक बेहद शानदार स्कीम है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)। इस योजना की सबसे खास बात ये है कि इसमें आपको हर महीने बहुत मामूली रकम (कम से कम ₹55) जमा करनी होती है, और बदले में 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3,000 की पक्की पेंशन मिलती है।
क्या है ये योजना और कैसे काम करती है?
साल 2019 में शुरू की गई ये योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) के कामगारों के लिए है। इस स्कीम का सीधा फंडा है जितना पैसा आप जमा करेंगे, उतना ही पैसा सरकार भी आपके खाते में डालेगी। मान लीजिए, अगर आपकी उम्र के हिसाब से आपकी किस्त ₹100 बनती है, तो ₹100 आप देंगे और ₹100 सरकार अपनी तरफ से जोड़ेगी। यानी आपके खाते में हर महीने ₹200 जमा होंगे। जब आपकी उम्र 60 साल हो जाएगी, तो आपको हर महीने ₹3,000 की न्यूनतम पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।
कौन ले सकता है इसका लाभ?
इस सरकारी स्कीम का फायदा उठाने के लिए सरकार की तरफ से कुछ शर्तें तय की गई हैं:
कामकाज: आप रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, घरेलू नौकर, कंस्ट्रक्शन मजदूर, खेतिहर मजदूर, छोटे दुकानदार या ऐसे ही किसी असंगठित क्षेत्र से जुड़े होने चाहिए।
उम्र: आवेदन करने वाले की उम्र 18 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए।
कम आमदनी: आपकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम होनी चाहिए।
टैक्स और अन्य योजनाएं: आप इनकम टैक्स न देते हों। साथ ही, आप ईपीएफओ (EPFO), ईएसआईसी (ESIC) या नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसी किसी दूसरी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना के मेंबर नहीं होने चाहिए।
हर महीने कितनी रकम जमा करनी होगी?
इस योजना में आपकी जेब से कितना पैसा कटेगा, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस उम्र में इस स्कीम से जुड़ रहे हैं। अगर आप 18 साल के हैं, तो आपको हर महीने सिर्फ ₹55 जमा करने होंगे। अगर आप अधिकतम उम्र यानी 40 साल की उम्र में जुड़ते हैं, तो आपको हर महीने ₹200 देने होंगे।एक बार स्कीम से जुड़ने के बाद 60 साल की उम्र तक आपको हर महीने अपनी तय किस्त देनी होगी।
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कितने फायदे दे रही ये स्कीम?
पति-पत्नी दोनों को लाभ: अगर पति और पत्नी दोनों इस योजना के पात्र हैं, तो दोनों अलग-अलग इसमें निवेश कर सकते हैं। इस तरह 60 साल के बाद परिवार को कुल ₹6,000 महीना पेंशन मिल सकती है।
पारिवारिक पेंशन: अगर पेंशन शुरू होने के बाद लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को आधी पेंशन यानी ₹1,500 हर महीने मिलती रहेगी।
बीच में छोड़ सकते हैं स्कीम?
अगर आप किसी वजह से योजना से बाहर निकलना चाहते हैं, तो इसके लिए भी सरकार ने अलग नियम बनाए हैं। अगर 10 साल से पहले स्कीम छोड़ते हैं, तो आपके जरिए जमा किया गया पैसा सेविंग बैंक अकाउंट के ब्याज के साथ वापस मिल जाएगा। लेकिन स्कीम शुरू करने के 10 साल बाद और 60 साल की उम्र से पहले स्कीम बंद करते हैं तो आपको आपके पैसे के साथ-साथ पेंशन फंड पर मिला असल ब्याज भी वापस कर दिया जाएगा। वहीं अगर किसी आर्थिक तंगी की वजह से आपकी किस्त छूट जाती है, तो आप बाद में ब्याज के साथ बकाया राशि चुकाकर इसे फिर से चालू कर सकते हैं।
कैसे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन?
- अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) यानी जन सेवा केंद्र पर जाएं
- अपने साथ आधार कार्ड और अपने बैंक खाते की जानकारी (जैसे पासबुक या कैंसिल्ड चेक) लेकर जाएं
- वहां आपका रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा और पहली किस्त आपके हाथ से नगद ली जाएगी
- साथ ही अगली किस्तों के लिए ऑटो डेबिट की सुविधा भी चालू कर दी जाएगी
इस योजना में निवेश सुरक्षित है क्योंकि इसकी गारंटी केंद्र सरकार देती है। हालांकि, एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि 60 साल के बाद मिलने वाली ₹3,000 की पेंशन राशि फिक्स रहेगी, ये महंगाई के हिसाब से बढ़ेगी नहीं।
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