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    PPF, SIP और FD में 5 तारीख के बाद निवेश किया तो होगा लाखों का घाटा! क्या कहता है नियम? एक्सपर्ट से समझें

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 06:51 PM (IST)

    PPF 5th date rule: निवेश करते समय तारीख का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, खासकर PPF में। विशेषज्ञ सुशील जैन के अनुसार, PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले ...और पढ़ें

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    Investment Tips: महीने की 5 तारीख से पहले निवेश करना होता है फायदेमंद, देरी पर कैसे होता है लाखों का नुकसान? समझें

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    Investment Tips: हर महीने निवेश करते हैं, लेकिन तारीख पर ध्यान नहीं देते? तो यह छोटी सी गलती लंबे समय में आपके रिटर्न पर बड़ा फर्क डाल सकती है। ज्यादातर सैलरी पाने वाले लोग महीने की शुरुआत में पैसा हाथ में आने के बाद खर्च की प्लानिंग करते हैं और निवेश को बाद में टाल देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि महीने की 5 तारीख से पहले निवेश करना (खासकर PPF में) ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

    अब सवाल यह उठता है कि क्या म्यूचुअल फंड एसआईपी में तारीखों के फेर में नुकसान होता है? इसे लेकर हमने पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट सुशील जैन से बात की, जिसमें उन्होंने पूरा कन्फ्यूज दूर किया और निवेश के सही टिप्स भी बताए।

    निवेश पर क्या असर डालती है हर महीने की 5 तारीख?

    सुशील जैन बताते हैं कि तारीख का सबसे ज्यादा फर्क पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ (PPF Investment Tips) में पड़ता है। पीपीएफ में ब्याज की काउंटिंग हर महीने की 5 तारीख तक मौजूद बैलेंस पर होती है। यानी अगर आपने पैसा 5 तारीख से पहले जमा कर दिया, तो आपको पूरे महीने का ब्याज मिलेगा।

    लेकिन 6 तारीख या उसके बाद पैसा डाला, तो उस रकम पर उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। यह छोटी सी देरी लंबे समय में रिटर्न पर 'डेंट' डाल सकती है।

    उदाहरण के तौर पर, अगर आप हर साल बड़ी रकम PPF में डालते हैं और बार-बार 5 तारीख के बाद जमा करते हैं, तो कई महीनों का ब्याज छूट सकता है। इसलिए PPF निवेशकों के लिए नियम साफ है कि हर निवेश 5 तारीख से पहले करने की कोशिश करें।

    यह भी पढ़ें- SBI FD Maturity Rate: 2.5 साल में SBI की FD पर कैसे मिलेगा फिक्स्ड 86012 रुपये का इंटरेस्ट, कैलकुलेशन से समझें

    तो क्या एफडी और एसआईपी पर पड़ता है असर?

    सुशील जैन के मुताबिक, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP Investment Tips) मार्केट से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें तारीख से सीधे ब्याज का नुकसान नहीं होता। पैसा जिस दिन निवेश होता है, उसी दिन से यूनिट्स मिलती हैं।

    लेकिन महीने की शुरुआत में एसआईपी करने का फायदा यह है कि आपका पैसा जल्दी मार्केट में काम करना शुरू कर देता है और निवेश की आदत भी मजबूत रहती है। एफडी (FD Investment Tips) जैसे निवेश में भी ब्याज उस दिन से जुड़ता है जिस दिन पैसा जमा किया जाता है, वहां5 तारीख जैसी कोई खास कट-ऑफ नहीं होती।

    यानी यह साफ है कि अगर आप PPF में निवेश करते हैं, तो 5 तारीख को लक्ष्य मानिए। और बाकी निवेशों में भी जल्दी निवेश की आदत लंबी दौड़ में फायदेमंद रहती है।

    जल्दी निवेश करने का फायदा क्या?

    म्यूचुअल फंड SIP या किसी भी मार्केट लिंक्ड निवेश में एक चीज सबसे ज्यादा काम करती है और वो है- समय। जितनी जल्दी पैसा बाजार में जाएगा, उतने ज्यादा दिन वह आपके लिए काम करेगा।

    अगर आप 1 तारीख को सैलरी मिलने के बाद 3-5 तारीख तक SIP कर देते हैं, तो आपका पैसा पूरे महीने मार्केट में लगा रहता है। बाजार में आने वाली संभावित तेजी का पूरा फायदा मिलता है। साथ ही, लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का असर ज्यादा दिखता है

    यानी, जल्दी पैसा लगाना = ज्यादा समय तक ग्रोथ का मौका। यानी असली गेम है- डिसिप्लिन + टाइमिंग।

    सुशील जैन बताते हैं कि हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर महीने मार्केट ऊपर ही जाए, लेकिन जल्दी निवेश करने से आप 'मार्केट में ज्यादा समय' बिताते हैं, जो लंबी अवधि में फायदेमंद माना जाता है।