SIP vs PPF: 18 साल बाद जब बच्चा कॉलेज जाएगा, तब कौन देगा मोटा पैसा? यहां समझें पूरा कैलकुलेशन
यह लेख बच्चों के भविष्य के लिए बचत के दो प्रमुख विकल्पों, SIP और PPF, की तुलना करता है। इसमें दोनों योजनाओं की कार्यप्रणाली, जोखिम, रिटर्न और कर लाभों ...और पढ़ें

SIP vs PPF 18 साल बाद जब बच्चा कॉलेज जाएगा, तब कौन देगा मोटा पैसा?
HighLights
SIP: उच्च रिटर्न, बाजार जोखिम, आसान निकासी, ELSS में टैक्स छूट।
PPF: सुरक्षित, निश्चित ब्याज, 15 साल लॉक-इन, पूर्ण टैक्स-मुक्त लाभ।
बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए सही निवेश विकल्प चुनें।
नई दिल्ली। आज की महंगाई के दौर में बच्चों के नाम पर सेविंग करना चाहते हैं, लेकिन महीनेभर के खर्च के बाद पैसा नहीं बचता? तो घबराइए मत, आप महीनेभर के बजट में बिना किसी बड़ा एडजस्टमेंट किए, अपने बच्चे के लिए लाखों रुपए की बचत कर सकते हैं, जो भविष्य में या तो उसकी पढ़ाई या फिर उसकी शादी में काम आएगा। आज आपको दो ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे, जिससे आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके सेव कर सकते हैं। बात होगी SIP और PPF के बारे में, और जानेंगे कि कौन से तरीके का इस्तेमाल कौन कर सकता है।
क्या है एसआईपी (SIP)?
SIP का मतलब होता है सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। ये एक ऐसा तरीका है जिससे आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा कर के म्यूचुअल फंड में डालते हैं, और जैसे जैसे आपके फंड की कीमत बढ़ती है, वैसे-वैसे आपका रिटर्न भी बढ़ता जाएगा। आप एसआईपी में छोटी रकम से निवेश कर सकते हैं, जैसे ₹500 से, साथ ही फ्यूचर में इस रकम को अपने हिसाब से बढ़ा भी सकते हैं।
एसआईपी में लगाया हुआ पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। आप जब चाहें, जितने साल बाद चाहें, एसआईपी से अपना पैसा कभी भी निकाल सकते हैं। इसके अलावा ELSS(Equity-Linked Savings Scheme) जैसे SIP विकल्पों में आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।
क्या है PPF, कैसे काम करता है?
PPF का मतलब होता है पब्लिक प्रोविडेंट फंड, जो सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक तहर की बचत योजना है। लोग इसमें तब निवेश करते हैं, जब वे जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। इसमें आप 15 सालों के लिए निवेश कर सकते हैं, लेकिन इसकी ब्याज दरें समय-समय पर बदलती रहती है। एसआईपी की तरह ही आप इसमें ₹500 की शुरुआती रकम से निवेश कर सकते हैं, लेकिन अपनी मर्जी के हिसाब से आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं। PPF की सबसे बड़ी खासियत इसका टैक्स फायदा है। इसमें निवेश की गई रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा, तीनों ही पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं।
खबरें और भी
SIP और PPF में क्या है अंतर?
| विशेषता | SIP (म्यूचुअल फंड) | PPF (सरकारी स्कीम) |
| क्या काम आता है? | लंबे समय में बड़ा फंड बनाने के लिए | पूरी तरह सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न पाने के लिए |
| कितना मुनाफा मिलेगा? | 12% से 15% तक (अनुमानित, मार्केट पर निर्भर है) | 7.1% हर साल (यह फिक्स है, सरकार तय करती है) |
| कितना रिस्क है? | हाई रिस्क (मार्केट ऊपर-नीचे होने पर पैसा बदलता है) | जीरो रिस्क (सरकार की 100% गारंटी है) |
| पैसे कब निकाल सकते हैं? | कभी भी निकाल सकते हैं (लेकिन 5 से 7 साल रखना बेस्ट) | 15 साल के लिए पैसे लॉक हो जाते हैं |
| टैक्स में कितनी छूट? | कोई एक्स्ट्रा छूट नहीं, मुनाफे पर टैक्स लगता है | पूरी तरह टैक्स फ्री (जमा करने पर, ब्याज पर और मैच्योरिटी पर कोई टैक्स नहीं) |
कैलकुलेशन के जरिए समझिए-
| SIP | PPF | |
वार्षिक निवेश | ₹12000 | ₹12000 |
समय अवधि | 15 साल | 15 साल |
ब्याज दर | 12% (for Ex) | 7.1% |
निवेश की गई राशि | ₹1,80,000 | ₹1,80,000 |
कुल ब्याज | ₹2,95,931 | ₹1,45,457 |
टोटल रिटर्न | ₹4,75,931 | ₹3,25,457 |
आपके लिए कौन-सा निवेश सही?
अगर आपकी इनकम फिक्स है, आप मार्केट के बारे में अच्छी समझ रखते हैं और लंबे समय में बड़ा रिटर्न बनाना चाहते हैं, तो आप एसआईपी में इनवेस्ट कर सकते हैं। वहीं अगर आप रिस्क से बचना चाहते हैं, और निवेश के बाद मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स नहीं देना चाहते हैं, तो आपके पीपीएफ स्कीम बहुत ही बढ़िया रहेगी।
(Disclaimer: Jagran Business आपको किसी भी तरह का वित्तीय फैसला लेने के लिए नहीं कहता है, किसी भी तरह के वित्तीय निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।