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    आखिरी समय पर करनी है टैक्स प्लानिंग, तो PPF, SSY और NPS से करें बड़ी बचत; ऐसे मिलेगा फायदा

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 03:46 PM (IST)

    साल के अंत में टैक्स प्लानिंग के लिए PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और NPS में निवेश का सुझाव दिया गया है। पुरानी टैक्स रिजीम के तहत इन योजनाओं में निवेश ...और पढ़ें

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    टैक्स बचाने के कई निवेश विकल्प हैं मौजूद

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    आईएएनएस, नई दिल्ली। अगर आप भी साल के अंत में टैक्स प्लानिंग की योजना बना रहे हैं तो यह महीना सबसे अच्छा है और इस दौरान आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश कर भाविष्य के लिए पैसा एकत्रित करने के साथ टैक्स प्लानिंग भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे और कितना टैक्स बच सकता है।

    PPF में कितनी होगी बचत?

    पीपीएफ में निवेश करके आप आसानी से टैक्स की बचत कर सकते हैं। पुरानी टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स एक्ट 1961 धारा 80सी के तहत पीपीएफ में 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर आप टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। हालांकि, नई टैक्स रिजीम में इसका फायदा नहीं मिलता है।
    वहीं, पीपीएफ में इस वित्त वर्ष आपने कोई निवेश नहीं किया है तो यह आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। इसके अतिरिक्त, पीपीएफ खाते को एक्टिव रखने के लिए न्यूनतम 500 रुपए सालाना के निवेश की आवश्यकता होती है। अगर आप एक वित्त वर्ष में 500 रुपए निवेश नहीं करते हैं तो आपका पीपीएफ खाता निष्क्रिय हो सकता है।

    सुकन्या समृद्धि योजना

    सुकन्या समृद्धि योजना भी आपकी टैक्स प्लानिंग में मदद कर सकती है। हालांकि, इस योजना के तहत आप खाता तभी खोल सकते हैं, जब आप बेटी के अभिभावक हो। इस योजना में पुरानी टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80सी के अंतर्गत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर आप टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं।
    इस योजना में खाते को एक्टिव रखने के लिए एक वित्त वर्ष में 250 रुपए का न्यूनतम निवेश करना आवश्यक है।

    एनपीएस भी कर सकता है मदद

    एनपीएस भी आपकी टैक्स बचत में मदद कर सकती है। पुरानी टैक्स रिजीम के तहत एनपीएस में निवेश करने पर आप इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत एनपीएस में निवेश करने पर 50,000 रुपए की टैक्स छूट को भी क्लेम कर सकते हैं।
    नई टैक्स रिजीम में कर्मचारी के एनपीएस में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान पर कर लाभ मिलता है। यह कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ता (डीए) का अधिकतम 14 प्रतिशत हो सकता है। एनपीएस योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को प्रति वित्तीय वर्ष न्यूनतम 1,000 रुपए जमा करने होते हैं।

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