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    अदाणी ने 'रावतभाटा' में न्यूक्लियर एनर्जी की नई कंपनी बना सबको चौंकाया, इस शेयर में दिखी गजब की तेजी

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 01:12 PM (IST)

    अदाणी समूह ने ऊर्जा क्षेत्र में दबदबा बढ़ाने के लिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में कदम रखा है। अदाणी पावर लिमिटेड ने 'रावतभाटा' में न्यूक्लियर एनर्जी से ...और पढ़ें

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    नई दिल्ली। ऊर्जा क्षेत्र में अपना दबदबा और मजबूत करने के लिए अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अब न्यूक्लियर एनर्जी (परमाणु ऊर्जा) सेक्टर में अपने पंख फैलाने शुरू कर दिए हैं। अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Limited) द्वारा शेयर बाजार को दी गई ताज़ा जानकारी के अनुसार, उन्होंने 'रावतभाटा' में न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़ी एक नई कंपनी का गठन किया है। इस बड़ी खबर के सामने आते ही अदाणी पावर के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी और गजब की तेजी देखने को मिल रही है। जानिए इस नई कंपनी और अदाणी के इस मेगा प्लान से जुड़ी सभी अहम बातें।

    क्या है अदाणी की इस नई कंपनी का नाम और ये क्या काम करेगी?

    अरबपति गौतम अदाणी की अदाणी पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी 'अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड' (AAEL) ने 20 अप्रैल 2026 को भारत में अपनी एक नई सब्सिडियरी कंपनी का निगमन किया है। इस नई कंपनी का नाम 'रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड' (RRAEL) रखा गया है।
    कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह नई कंपनी मुख्य रूप से न्यूक्लियर एनर्जी इंडस्ट्री के लिए काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य न्यूक्लियर और परमाणु ऊर्जा से बिजली पैदा करना, उसका ट्रांसमिशन करना और वितरण करना है।

    किसके पास होगा कंपनी का मालिकाना हक?

    यह नई कंपनी एक चेन के तहत काम करेगी। 'रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड' (RRAEL) में 100% हिस्सेदारी 'अदाणी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड' (AAEL) की होगी। वहीं, AAEL पूरी तरह से (100%) अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power) के स्वामित्व वाली कंपनी है। आसान शब्दों में कहें तो यह नई कंपनी पूरी तरह से अदाणी पावर के ही कंट्रोल में रहेगी।

    अदाणी ने कितनी पूंजी के साथ शुरू की ये कंपनी?

    एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, RRAEL को 5,00,000 रुपये (5 लाख रुपये) की अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Capital) के साथ शामिल किया गया है। इस पूंजी को 10 रुपये के 50,000 इक्विटी शेयरों में बांटा गया है। शेयरहोल्डिंग के लिए नकद (Cash) के जरिए सब्सक्रिप्शन किया गया है। इसके अलावा कंपनी के गठन के लिए फिलहाल किसी भी अतिरिक्त सरकारी या नियामक मंजूरी की जरूरत नहीं (Not Applicable) बताई गई है।

    शेयर बाजार को क्यों दी गई यह जानकारी?

    सेबी (SEBI) के लिस्टिंग नियमों और 30 जनवरी 2026 के मास्टर सर्कुलर के तहत, किसी भी लिस्टेड कंपनी को अपने नए वेंचर या सब्सिडियरी के गठन की विस्तृत जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को देनी होती है। इसी नियम (एनेक्सचर-ए) का पालन करते हुए अदाणी पावर ने यह अहम जानकारी सार्वजनिक की है। क्लीन और न्यूक्लियर एनर्जी भविष्य का एक बहुत बड़ा बाजार है। इस सेक्टर में सीधे तौर पर एंट्री करने के अदाणी पावर के इस कदम ने बाजार के जानकारों और निवेशकों को चौंका दिया है, जिसका सीधा असर कंपनी के शेयरों में दिख रही तेजी के रूप में सामने आ रहा है।

    अदाणी पावर के शेयरों में 37% का उछाल

    इस महीने अदाणी पावर (Adani Power) के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले 13 कारोबारी सत्रों में इसके शेयरों में 37% तक का उछाल आया है। इस शानदार रैली के कारण यह अदाणी समूह की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। इसका बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 3.93 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसने अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports) के 3.70 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप को भी पीछे छोड़ दिया है।

    अदाणी पावर शेयरों में क्या करें: मुनाफावसूली या निवेश बढ़ाएं?

    रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के अनुसार, अदाणी पावर का शेयर अपने प्राथमिक अपट्रेंड (तेजी के रुख) को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। यह मूविंग एवरेज के स्पष्ट एलाइनमेंट (मध्यम और लंबी अवधि के ऊपर शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज) द्वारा समर्थित है, जो लगातार बुलिश मोमेंटम (तेजी) का संकेत देता है।
    एक स्वस्थ कंसोलिडेशन (समेकन) चरण के बाद, स्टॉक ने भारी वॉल्यूम के साथ एक स्पष्ट ब्रेकआउट दिखाया है, जो बाजार में नए निवेशकों की भागीदारी का संकेत है। हाल ही में 190–200 रुपये के जोन की ओर तेजी से हुई बढ़ोतरी शेयर की मजबूती को दर्शाती है, हालांकि इस तेज रैली की वजह से शेयर में निकट भविष्य में हल्का 'ओवरएक्सटेंशन' (अत्यधिक खिंचाव) भी दिख सकता है।

    शेयर के मोमेंटम इंडिकेटर्स ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं लेकिन अब यह 'ओवरबॉट' (अत्यधिक खरीद) क्षेत्र के करीब पहुंच रहे हैं। इसकी वजह से शेयर में कुछ समय के लिए ठहराव या हल्की गिरावट आ सकती है।

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    Source:

    BSE