JP Associates की तरह अब दिवालिया नहीं होगी अनिल अंबानी की कंपनी, हुआ 2771 करोड़ रुपये का कर्ज पुनर्गठन समझौता
अनिल अंबानी की कंपनी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) को दिवालियापन से राहत मिली है। MMOPL ने NARCL के साथ 2,771.32 करोड़ रुपये का कर्ज पुनर्ग ...और पढ़ें

अनिल अंबानी की MMOPL को दिवालियापन से राहत।
HighLights
अनिल अंबानी की MMOPL को दिवालियापन से राहत।
NARCL के साथ 2,771.32 करोड़ रुपये का कर्ज समझौता।
समझौते से 1,100 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज कम होगा।
नई दिल्ली। एक समय भारत के सबसे अमीर व्यक्ति रहे अनिल अंबानी की कंपनी को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर यह है कि अब उनकी एक कंपनी के खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया (Insolvency Process) नहीं शुरू होगी। यानी जिस तरह JP Associates दिवालिया होकर गौतम अदाणी के हाथों बिक गई, अब उस तरह से अनिल अंबानी की एक कंपनी नहीं बिकेगी। कंपनी को राहत मिल गई है।
इस खबर का असर अनिल अंबानी की रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को इसके शेयर 5% गिरकर 69.9 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। क्योंकि जिस कंपनी के खिलाफ दिवालियापन प्रक्रिया अब नहीं चलेगी वह रिलायंस इन्फ्रा की सब्सिडियरी है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरी खबर है क्या?
JP Associates की तरह दिवालिया नहीं होगी अनिल अंबानी की ये कंपनी
दरअसल, पूरी खबर अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) से जुड़ी है। Reliance Infrastructure Limited ने 10 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 9 जुलाई, 2026 को MMOPL ने सरकारी संस्था 'नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड' (NARCL) के साथ एक कर्ज पुनर्गठन समझौता (Debt Restructuring Agreement) किया है।
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इस समझौते के परिणामस्वरूप मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड पर NARCL के देय कर्ज में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आएगी (31 मार्च, 2026 के आंकड़ों के अनुसार)। समझौते का आकार (Size of Agreement): यह समझौता 2,771.32 करोड़ रुपये का है।
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कंपनी ने जानकारी दी कि इस समझौते के तहत MMOPL के खिलाफ शुरू की गई दिवालियापन (Insolvency) की कार्यवाही को वापस ले लिया जाएगा। यानी अब जेपी एसोसिएट्स की तरह अनिल अंबानी की Mumbai Metro One Private Limited के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही नहीं होगी।
MMOPL में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की कितनी हिस्सेदारी?
फाइलिंग के अनुसार MMOPL रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (जिसकी 74% हिस्सेदारी है) और MMRDA (जिसकी 26% हिस्सेदारी है) के बीच एक जॉइंट वेंचर है।
कंपनी ने फाइलिंग में बताया कि NARCL को MMOPL के बोर्ड में एक डायरेक्टर नॉमिनेट करने का अधिकार है। इसमें रीस्ट्रक्चरिंग के लागू होने की निगरानी के लिए लेंडर और MMOPL के प्रतिनिधियों वाली एक मॉनिटरिंग कमिटी बनाने का प्रावधान है। साथ ही इस मास्टर रिस्ट्रक्चरिंग एग्रीमेंट (MRA) के तहत, NARCL को MMOPL के बोर्ड में अपना एक डायरेक्टर नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त है।
साथ ही, इसमें आम तौर पर होने वाली जरूरी और मनाही वाली शर्तें भी शामिल हैं, जैसे कि लेंडर की पहले से लिखित मंज़ूरी के बिना कुछ कॉर्पोरेट कामों पर रोक।
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