RBI के फैसले से बैंकों में हाहाकार, सरकारी से लेकर प्राइवेट बैंक की बढ़ी चिंताएं, रुपये व डॉलर से जुड़ा है मामला
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए निर्देश से बैंक शेयरों में भारी गिरावट आ गई। बैंक शेयरों में यह गिरावट आरबीआई द्वारा बैंकों की 'फॉरेन एक्सचेंज पॉजिशन' ...और पढ़ें
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बैंक शेयरों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है।
नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के एक फैसले से बैंक शेयरों में भारी बिकवाली आ गई है। दरअसल, आरबीआई की ओर से शुक्रवार देर रात जारी किए गए निर्देश के बाद सोमवार को Bank Nifty (बैंक शेयरों का समूह) 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। रिजर्व बैंक ने अपने निर्देश में बैंकों को प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत तक विदेशी मुद्रा बाजार में अपने शुद्ध खुले रुपये के निवेश को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित करने को कहा गया है, और इस अनुपालन की आखिरी तारीख 10 अप्रैल है।
बैंक निफ्टी (Bank Nifty Crash) के सभी 14 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी बैंक में 4 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। हालांकि, 30 मार्च को इंडेक्स ने सारी बढ़त को खो दी और 2 फीसदी से ज्यादा गिर गया।
सबसे ज्यादा गिरा यह प्राइवेट बैंक
निफ्टी बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का स्टॉक रहा, जो 4 फीसदी से ज्यादा गिर गया और 845 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा, फेडरल बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है।
क्या है आरबीआई का 'लिमिट वाला' निर्देश
बैंक शेयरों में यह गिरावट आरबीआई द्वारा बैंकों की 'फॉरेन एक्सचेंज पॉजिशन' पर लिमिट सख्त करने के फैसले के बाद आई, जिससे घरेलू बाजार में डॉलर की बिक्री तेज हो गई क्योंकि व्यापारी आर्बिट्रेज पोजीशन को कम करने के लिए जल्दबाजी कर रहे थे। इस प्रक्रिया से बैंकों को घरेलू बाजार में डॉलर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इसके शुरुआती संकेत रुपये के मजबूत होने से नजर आने लगे हैं।
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