LIC में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 4 अगस्त से ₹428 के शेयर को 46 रुपये सस्ते में खरीदने का मौका
भारत सरकार LIC में अपनी 6.50% तक हिस्सेदारी 'ऑफ़र फ़ॉर सेल' (OFS) के ज़रिए बेचेगी, जिसकी बोली 4 और 5 अगस्त, 2026 को लगेगी। ...और पढ़ें

LIC में सरकार बेचेगी हिस्सेदारी, निवेशकों को मिलेगा ₹382 में शेयर खरीदने का मौका
HighLights
सरकार LIC में 6.50% तक हिस्सेदारी OFS से बेचेगी।
बोली 4 और 5 अगस्त, 2026 को लगेगी, फ्लोर प्राइस ₹382।
रिटेल निवेशकों, कर्मचारियों को ₹10 प्रति शेयर छूट मिलेगी।
नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निवेशकों और शेयर बाज़ार में दिलचस्पी रखने वालों के लिए एक अहम खबर है। भारत सरकार ने LIC में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने का फ़ैसला किया है। यह बिक्री 'ऑफ़र फ़ॉर सेल' (OFS) के ज़रिए की जाएगी। यह जानकारी वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) की ओर से जारी एक आधिकारिक सूचना पर आधारित है।
सरकार अपनी कितनी हिस्सेदारी बेचेगी?
भारत सरकार, राष्ट्रपति के ज़रिए, LIC की कुल पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का 2.50% (लगभग 31.62 करोड़ शेयर) बेचने का प्रस्ताव रखती है। इसके अलावा, अगर मांग ज़्यादा रहती है, तो सरकार के पास ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4.00% (लगभग 50.60 करोड़ शेयर) बेचने का विकल्प भी होगा। कुल मिलाकर, सरकार इस OFS के ज़रिए LIC में अपनी 6.50% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। यह ऑफर दो दिनों के लिए खुलेगा।
जरूरी तारीखें और समय
4 अगस्त, 2026 (T Day): इस दिन सिर्फ़ नॉन-रिटेल निवेशक ही बोली लगा सकेंगे।
5 अगस्त, 2026 (T+1 Day): इस दिन रिटेल निवेशक और वे नॉन-रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे जिन्होंने अपनी बोलियों को आगे बढ़ाया है। मार्केट में बोली लगाने का समय सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगा।
फ्लोर प्राइस और डिस्काउंट
सरकार ने इस OFS के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹382 का फ्लोर प्राइस (न्यूनतम कीमत) तय किया है। खास बात यह है कि रिटेल निवेशकों और योग्य कर्मचारियों को कट-ऑफ प्राइस पर प्रति शेयर ₹10 का डिस्काउंट दिया जाएगा।
खबरें और भी
वित्त मंत्रालय के अनुसार, कंपनी के योग्य कर्मचारियों के लिए 50,00,000 शेयर (0.04%) आरक्षित किए गए हैं। एक कर्मचारी ₹5,00,000 तक के मूल्य के शेयरों के लिए आवेदन कर सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक वे होते हैं जो ₹2,00,000 से ज़्यादा कीमत के शेयरों के लिए बोली नहीं लगाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के लिए IIFL कैपिटल सर्विसेज़, BNP पारिबा, गोल्डमैन सैक्स और मोतीलाल ओसवाल को ब्रोकर के तौर पर नियुक्त किया गया है। सरकार ने SEBI के 'मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग' (MPS) नियमों का पालन करने के लिए यह कदम उठाया है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)