IPO News: प्राइमरी मार्केट का छा रहा जलवा, आईपीओ से ही कंपनियों ने जुटाए ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा; पूरी रिपोर्ट
IPO News: एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों ने वित्त वर्ष 26 में 153 आईपीओ से ₹2,01,442 करोड़ जुटाए, जो वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद ...और पढ़ें
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प्राइमरी मार्केट का छा रहा जलवा, आईपीओ से ही कंपनियों ने जुटाए ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा।
IPO News: आज HDFC ने अपनी सिक्योरिटीज रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के जरिए भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था को लेकर कई बड़े तथ्य दिए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनियों ने वित्त वर्ष 26 में 153 इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए 2,01,442 करोड़ रुपए जुटाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनियों ऐसे समय पर आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने में सफल रही हैं, जब वैश्विक कारणों के चलते बाजार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा था।
रुपये पर बना रह सकता है दबाव
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि बाहरी दबाव बना हुआ है। विदेशी निवेशकों (एफडीआई) के कमजोर प्रवाह और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली के कारण भारतीय रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इन सभी कारकों ने 2022 की शुरुआत से रुपए में दबाव बनाने का काम किया है।
शेयर बाजार का क्या रहा हाल?
हाल के महीनों में, विशेष रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में, मूल्यांकन में गिरावट आई है, हालांकि वे अभी भी दीर्घकालिक औसत से ऊपर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बेंचमार्क सूचकांक ऐतिहासिक रूप से आकर्षक स्तरों के करीब पहुंच गए हैं। बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है।
डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 222 मिलियन से अधिक हो गई है, जबकि फरवरी 2026 में सक्रिय इक्विटी व्यापारियों की संख्या 1.48 करोड़ से अधिक हो गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि म्यूचुअल फंड में एसआईपी के माध्यम से निवेश मजबूत बना हुआ है और यह सालाना 30,000 करोड़ रुपए से अधिक है।
कैसे रहेगी अर्थव्यवस्था?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 27 में अर्थव्यवस्था 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। सरकार द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढांचे पर व्यय की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है, और वित्त वर्ष 2027 में कुल व्यय का लगभग एक तिहाई हिस्सा पूंजीगत व्यय का होने की संभावना है। मुद्रास्फीति लगभग 4.5 प्रतिशत पर नियंत्रण में रहने की उम्मीद है, साथ ही राजकोषीय घाटा भी 4.3 प्रतिशत के लक्षित स्तर पर रहेगा।
कितनी आएगी लोगों की इनकम में तेजी?
आय के मोर्चे पर, रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि कुल कॉर्पोरेट आय में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी, हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन भिन्न हो सकता है। बैंक, उपभोक्ता विवेकाधीन वस्तुएं, धातु और दूरसंचार क्षेत्रों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है, जबकि ऊर्जा क्षेत्र पर कुछ दबाव पड़ सकता है।
आइएएनएस इनपुट के साथ
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