हिंदुस्तान कॉपर का मास्टर प्लान: ₹7189 करोड़ के निवेश से बदलेगी सूरत; मुनाफा 3 गुना बढ़ा तो बढ़कर मिलेगा डिविडेंड?
Hindustan Copper Vision 2030: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने 'विजन 2030' के तहत अगले पांच वर्षों में खदानों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर ₹7188.90 करोड़ का ...और पढ़ें
नई दिल्ली| सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Vision 2030) ने भविष्य के लिए अपनी कमर कस ली है। कंपनी ने अपने 'कॉरपोरेट प्लान-विजन 2030' के तहत अगले पांच वर्षों में खदानों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर ₹7188.90 करोड़ खर्च करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा असर कंपनी की उत्पादन क्षमता और मुनाफे पर पड़ेगा।
साल-दर-साल निवेश का रोडमैप
कंपनी ने अपने पूंजीगत व्यय (Capex) को चरणबद्ध तरीके से खर्च करने की योजना बनाई है:
- 2025-26 (चालू वित्त वर्ष): ₹450.51 करोड़
- 2026-27: ₹1,421.73 करोड़
- 2027-28: ₹1,993.70 करोड़
- 2028-29: ₹2,227.18 करोड़
- 2029-30: ₹1,095.48 करोड़
प्रोडक्शन और मुनाफे में बड़ी उछाल की उम्मीद
इस विस्तार योजना का मुख्य उद्देश्य अयस्क (Ore) के उत्पादन को बढ़ाना है। कंपनी का अनुमान है कि 2025-26 तक जो उत्पादन सालाना 42.1 लाख टन है, वह 2029-30 तक करीब तीन गुना बढ़कर 1.22 करोड़ टन सालाना हो जाएगा।
उत्पादन बढ़ने से कंपनी की वित्तीय सेहत भी सुधरेगी। एचसीएल को उम्मीद है कि उसका टैक्स के बाद शुद्ध लाभ (PAT), जो 2026 में ₹589 करोड़ रहने का अनुमान है, वह 2030 तक बढ़कर ₹1,568 करोड़ पर पहुंच जाएगा। साथ ही, मुनाफा बढ़ने पर निवेशकों को मिलने वाले लाभांश (Dividend) में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
खुद को डिजिटली अपडेट कर रही HCL
सिर्फ माइनिंग ही नहीं, एचसीएल खुद को डिजिटल रूप से भी अपडेट कर रही है। कंपनी ने 'आईटी विजन दस्तावेज 2026-2030' जारी किया है, जिसका मकसद ऑपरेशन्स को सुरक्षित और हाई-टेक बनाना है। इसके तहत सभी खदानों और प्लांट्स को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
इस हाई-टेक योजना की 3 मुख्य बातें
- कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: एक केंद्रीय सिस्टम से सभी गतिविधियों की निगरानी होगी।
- हाइब्रिड संचार प्रणाली: जमीन के नीचे खदानों में बेहतर कम्युनिकेशन के लिए आधुनिक सिस्टम लगेगा।
- हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: सभी यूनिट्स में हाई-स्पीड इंटरनेट और एमपीएलएस (MPLS) नेटवर्क को अपडेट किया जाएगा।
कुल मिलाकर, हिंदुस्तान कॉपर की यह रणनीति न केवल तांबा उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी, बल्कि कंपनी को एक आधुनिक और ज्यादा फायदेमंद सरकारी उद्यम के रूप में स्थापित करेगी।
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