IPO Size में क्यों आ रही है गिरावट, आने वाली दो कंपनियों ने घटाया इश्यू साइज; क्या कोई खतरा है?
शेयर्स और म्यूचुअल फंड के अलावा आज लोग बढ़-चढ़कर प्राइमरी मार्केट में भी पैसा लगा रहे हैं। प्राइमरी मार्केट के जरिए लोग आईपीओ में निवेश करते हैं। किसी ...और पढ़ें
-1770286813310_m.webp)
नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील से मार्केट में अच्छी खासी तेजी आई। शेयर बाजार में रिकवरी का माहौल दिखा। शेयर बाजार पर आ रहा प्रभाव प्राइमरी मार्केट में भी देखने को मिल रहा है। मसलन प्राइमरी मार्केट में आने वाले दो कंपनियों ने अपने आईपीओ का इश्यू साइज कम कर दिया है।
Aye Finance IPO और Fractal Analytics दोनों का आईपीओ अगले हफ्ते 9 फरवरी से आएगा। Aye Finance 1010 करोड़ का आईपीओ और Fractal Analytics 2834 करोड़ का आईपीओ लाने की तैयारी में है। इन दोनों ही कंपनी ने बजट पेश होने के बाद आईपीओ लेने का निर्णय लिया। ताकि बजट के बाद आने वाले उतार-चढ़ाव का असर इनके आईपीओ पर न पड़े। अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील से बने पॉजिटिव माहौल का दोनों ही कंपनियों को फायदा मिलेगा।
कितना घटाया कंपनी ने इश्यू साइज
Aye Finance IPO
| पहले कितना था? | पहले कितना था? | अब कितना है? |
| इश्यू साइज | ₹1450 करोड़ | ₹1010 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹885 करोड़ | ₹710 करोड़ |
| ऑफर फोर सेल | ₹565 करोड़ | ₹300 करोड़ |
Fractal Analytics IPO
| पहले कितना था? | अब कितना है? | |
| फ्रेश इश्यू | ₹1279 करोड़ | ₹1024 करोड़ |
| ऑफर फोर सेल | ₹3621 करोड़ | ₹1810 करोड़ |
Issue Size में क्यों आ रही है कमी?
इश्यू साइज में कमी आना वाजिब था, क्योंकि पिछले तीन महीनों से मार्केट में भयंकर उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही स्मॉल और मिड कैप स्टॉक्स में करेक्शन देखी गई है।
इस महीने केवल तीन मेनबोर्ड ही आईपीओ देखने को मिले हैं। इन आईपीओ ने कुल मिलाकर 24,765 करोड़ रुपये कमाए है। ये अप्रैल 2024 के बाद सबसे कम मेनबोर्ड आईपीओ आने वाला महीना बना है। अप्रैल 2024 में केवल एक आईपीओ से 2981 करोड़ रुपये मिले।
ऐसा इसलिए था क्योंकि बाजार में टैरिफ का डर दिख रहा था। कंपनियों के मन में विदेशी निवेशकों को लेकर चिंता थी। क्योंकि बाजार में विदेशी निवेशकों का अभाव था इसलिए मार्केट ज्यादा घरेलू निवेशक और म्यूचुअल फंड्स पर निर्भर थी।
साल 2025 के दौरान, एफपीआई ने भारतीय इक्विटी से ₹1.66 ट्रिलियन की निकासी की, जबकि घरेलू निवेशकों ने 17.9 ट्रिलियन का निवेश किया, जिसमें अकेले म्यूचुअल फंड से 5 ट्रिलियन शामिल हैं।
कितने आईपीओ आएंगे?
फिलहाल, 129 कंपनियों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबी) से आईपीओ जारी करने की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 83 अन्य कंपनियों ने बाजार नियामक के पास अपने प्रस्ताव दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। चार कंपनियों की मंजूरी पिछले महीने समाप्त हो गई।
(डिस्क्लेमर: यहां IPO पर दी गयी जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। शेयर बाजार में जोखिम हो सकता है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।