मुकुल अग्रवाल का इस IT शेयर से मोहभंग... FIIs ने भी घटाई हिस्सेदारी, क्या खत्म हो गई रैली?
मुकुल अग्रवाल और FIIs ने Q1 FY2026 में Intellect Design Arena में अपनी हिस्सेदारी घटाई, जबकि DIIs और पब्लिक निवेशकों ने बढ़ाई। कंपनी ने मजबूत तिमाही न ...और पढ़ें

मुकुल अग्रवाल ने घटाई हिस्सेदारी।
HighLights
मुकुल अग्रवाल और FIIs ने Intellect Design Arena में हिस्सेदारी घटाई।
घरेलू और पब्लिक निवेशकों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
कंपनी AI प्लेटफॉर्म और अमेरिकी बाजार पर बड़ा दांव लगा रही।
नई दिल्ली| शेयरहोल्डिंग पैटर्न निवेशकों के लिए काफी अहम माना जाता है। खास तौर पर जब किसी कंपनी में बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी घटाते या बढ़ाते हैं, तो बाजार का ध्यान तुरंत उस शेयर पर चला जाता है। लेकिन सिर्फ इस बात से किसी कंपनी का भविष्य तय नहीं होता। असली तस्वीर कंपनी के कारोबार, कमाई, नए प्रोजेक्ट और भविष्य की रणनीति से सामने आती है। ऐसा ही कुछ IT सेक्टर की कंपनी Intellect Design Arena के साथ देखने को मिला है।
जून 2026 तिमाही में दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल और FIIs ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है। वहीं दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs और पब्लिक निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस शेयर से बड़े निवेशकों का भरोसा कम हो रहा है या फिर कंपनी के कारोबार में अभी भी दम बाकी है। आइए विस्तार से समझते हैं।
मुकुल अग्रवाल और FIIs ने घटाई हिस्सेदारी
जून 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 1.44 फीसदी से घटाकर 1.28 फीसदी कर दी है। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की हिस्सेदारी भी 25.57 फीसदी से घटकर 23.51 फीसदी रह गई है।
हालांकि दूसरी तरफ DIIs ने अपनी हिस्सेदारी 7.10 फीसदी से बढ़ाकर 7.34 फीसदी कर ली है। वहीं पब्लिक निवेशकों की हिस्सेदारी भी 37.61 फीसदी से बढ़कर 39.53 फीसदी हो गई है। यानी जहां कुछ बड़े निवेशकों ने हिस्सेदारी कम की, वहीं घरेलू और रिटेल निवेशकों ने खरीदारी की।
खबरें और भी
| निवेशक वर्ग | मार्च 2026 | जून 2026 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| मुकुल अग्रवाल | 1.44% | 1.28% | -0.16% |
| FII | 25.57% | 23.51% | -2.06% |
| DII | 7.10% | 7.34% | +0.24% |
| पब्लिक | 37.61% | 39.53% | +1.92% |
तिमाही नतीजों में कैसी रही कंपनी
कंपनी का कारोबार सालाना आधार पर मजबूत रहा है। जून 2026 तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से इनकम बढ़कर 845.17 करोड़ रुपये रही। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 701.69 करोड़ रुपये थी।
- कंपनी की इनकम में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
- जून 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 101.82 करोड़ रुपये रहा।
- एक साल पहले 93.69 करोड़ रुपये था।
- हालांकि पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 के मुकाबले कंपनी के नतीजों में थोड़ी नरमी देखने को मिली।
- मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की इनकम 884.47 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 120.22 करोड़ रुपये था।
AI प्लेटफॉर्म पर बड़ा दांव
कंपनी आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए AI पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने दो बड़े प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं। पहला माइक्रोसर्विसेज बैंकिंग प्लेटफॉर्म है। इसमें अब करीब 700 माइक्रोसर्विसेज शामिल हो चुकी हैं। शुरुआत के समय यह संख्या करीब 300 थी।
इसके अलावा कंपनी ने फाइनेंशियल सेक्टर के लिए अपना एंटरप्राइज AI प्लेटफॉर्म भी तैयार किया है। कंपनी का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में AI का सही इस्तेमाल तभी संभव है, जब उसकी सटीकता 95 फीसदी से ज्यादा हो। इसी दिशा में कंपनी ने पिछले 6 महीनों में करीब 15 पेटेंट भी दाखिल किए हैं।
अमेरिका के कारोबार पर बढ़ा फोकस
कंपनी अब अमेरिका के बाजार पर भी तेजी से ध्यान दे रही है। उसका कहना है कि अमेरिका के कई बैंक पुराने और महंगे सिस्टम से क्लाउड टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ रहे हैं। कंपनी इसी बदलाव का फायदा उठाना चाहती है। यही वजह है कि अमेरिका से आने वाला कारोबार अब बढ़कर कंपनी की कुल इनकम का करीब 27 फीसदी हो गया है। यूरोप के कारोबार में चुनौतियां आने के बाद कंपनी ने अमेरिका में अपनी रणनीति और मजबूत की है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)