शेयर बाजार की ट्रेडिंग 3:15 पर बंद, फिर Nifty 50 में अचानक 200 पॉइंट का कैसे आया उछाल?
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में निफ्टी 50 में 200 अंकों से अधिक की अप्रत्याशित उछाल देखी गई, जिससे ट्रेडर्स हैरान रह गए। यह बदलाव SEBI के नए क्लोजिंग ...और पढ़ें
HighLights
निफ्टी में 200 अंकों से अधिक की अप्रत्याशित उछाल दर्ज।
SEBI के नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम लागू।
बाजार बंद होने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रणालीगत बदलाव।
सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार में एक अनोखी तेज़ी देखी गई। दोपहर 3:15 बजे जब लगातार ट्रेडिंग खत्म होती है, NSE निफ्टी 24,573 के स्तर पर था लेकिन बाज़ार की आखिरी आधिकारिक क्लोजिंग कीमत 24,774.30 दर्ज की गई। बहुत कम समय में 200 से ज़्यादा अंकों के इस उछाल ने कई ट्रेडर्स को हैरान कर दिया। आखिर में, सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) बढ़कर 78,639.03 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) की बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेबी का नया क्लोजिंग ऑक्शन नियम
इस अचानक आए बड़े बदलाव का मुख्य कारण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम हैं, जो सोमवार से ही लागू हुए हैं। नए नियमों के तहत, F&O से जुड़े शेयरों में सामान्य continuous ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे ही समाप्त हो जाती है। इसके बाद 3:15 से 3:35 बजे तक 20 मिनट का क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) आयोजित किया जाता है। इस दौरान खरीद और बिक्री के ऑर्डर्स को मैच करके एक सिंगल क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है।
अचानक क्यों चढ़ा बाजार?
SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और इंटेलिसिस वेंचर्स के फाउंडर अमित सुरेश जैन के मुताबिक आज निफ्टी इंडेक्स में दिन के अंत में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन यह घबराहट नहीं थी यह SEBI के नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियमों के तहत एक प्रणालीगत बदलाव था।
SEBI ने पारंपरिक 30-मिनट के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) की गणना को एक एकल संतुलन नीलामी मूल्य से बदल दिया है।
नियमित इक्विटी ट्रेडिंग अब दोपहर 3:15 बजे समाप्त होती है। इसके बाद बाजार दोपहर 3:30 बजे तक नीलामी ऑर्डर-एंट्री विंडो में प्रवेश करता है, जिसमें अंतिम ऑर्डर मिलान दोपहर 3:30 बजे से 3:35 बजे के बीच होता है।
चूंकि प्रमुख शेयरों के आधिकारिक समापन मूल्य नीलामी के अंत में 30 मिनट के औसत के बजाय तुरंत गणना किए जाते हैं, इसलिए बड़े संस्थागत ऑर्डर प्रवाह के कारण अंतिम घंटी बजने पर सूचकांक मूल्य में अचानक और तीव्र समायोजन होता है।
संस्थागत तरलता को एक ही नीलामी विंडो में समेकित करके, नया ढांचा प्रभाव लागत और हेरफेर को कम करता है, सत्र के अंत में अचानक मूल्य निर्धारण परिवर्तन के लिए क्रमिक VWAP विचलन का विकल्प चुनता है।