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    NSE IPO पर बड़ी खबर, बोर्ड ने दी आईपीओ लाने की मंजूरी; शेयर मार्केट में आने का रास्ता क्लियर!

    Updated: Fri, 06 Feb 2026 07:27 PM (IST)

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बोर्ड ने 6 फरवरी को हुई बैठक में IPO लाने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से एनएसई के शेयर बाजार में आने का रास्ता साफ हो ग ...और पढ़ें

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    NSE IPO पर बड़ी खबर, बोर्ड ने दी आईपीओ लाने की मंजूरी; शेयर मार्केट में आने का रास्ता क्लियर!

    नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE IPO) के बोर्ड ने आईपीओ लाने को मंजूरी दे दी है। 6 फरवरी को हुई बोर्ड मीटिंग में यह अहम फैसला लिया गया। इस मंजूरी के बाद एनएसई के शेयर बाजार में आने का रास्ता साफ हो गया है। कंपनी अब इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुड़े अगले कदमों पर चर्चा करेगी, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। आज कंपनी ने अपने तिमाही नतीजे भी जारी किए। साल दर साल प्रॉफिट में 37 फीसदी की गिरावट देखी गई।

    इसके बोर्ड ने मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल के जरिए कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग मंजूर कर दिया है। पिछले शुक्रवार को, SEBI ने NSE को IPO लाने के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिया था।

    हो सकता है देश का सबसे बड़ा IPO

    NSE का प्रस्तावित IPO के भारत के कैपिटल मार्केट में सबसे बड़े IPO में से एक होने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का मानना है कि NSE, जिसके लगभग 1.77 लाख शेयरहोल्डर हैं, की ग्रे मार्केट में वैल्यू ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा है।

    देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, NSE की लिस्टिंग की योजनाएं 2016 से रुकी हुई थीं, जब एक्सचेंज ने मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल के जरिए लगभग ₹10,000 करोड़ जुटाने के लिए पहली बार ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल किए थे।

    हालांकि, SEBI ने गवर्नेंस में कमियों और को-लोकेशन मामले से पैदा हुई रेगुलेटरी चिंताओं के कारण मंज़ूरी रोक दी थी। तब से, NSE ने मंज़ूरी के लिए रेगुलेटर से कई बार संपर्क किया है।

    पिछले महीने, SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा था कि रेगुलेटर ने अनुचित मार्केट एक्सेस मामले में NSE के सेटलमेंट एप्लीकेशन को "सैद्धांतिक" मंजूरी दी थी।

    मार्च 2025 में, SEBI ने NSE के लिस्टिंग प्रस्ताव की जांच के लिए एक इंटरनल कमेटी बनाई थी।

    कैसे रहे NSE के तीसरी तिमाही के नतीजे?

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने तीसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 37% की बड़ी गिरावट दर्ज की, जो 2,408 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही, एक्सचेंज ने अपने लंबे समय से इंतज़ार किए जा रहे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए SEBI से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) हासिल करके एक अहम रेगुलेटरी मील का पत्थर भी हासिल किया।

    तिमाही के लिए कुल इनकम पिछले साल के मुकाबले 9% गिरकर 4,395 करोड़ रुपये हो गई, जिसका मुख्य कारण कम ट्रांजैक्शन चार्ज थे। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले, NSE के परफॉर्मेंस में सुधार दिखा, टैक्स के बाद प्रॉफिट तिमाही-दर-तिमाही 15% बढ़ा और कुल इनकम 6% बढ़ी, जिसे ज़्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम का सपोर्ट मिला।

    SEBI से अपने IPO के लिए NOC मिलने के बाद NSE द्वारा घोषित यह पहला फाइनेंशियल रिजल्ट था, जिससे एक दशक से चला आ रहा रेगुलेटरी ओवरहैंग खत्म हो गया।

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    (डिस्क्लेमर: यहां IPO को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)