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    जमशेदपुर में TATA का बड़ा दांव, दुनिया में पहली बार लगेगी ये खास मशीन; शेयर खरीदने की मची होड़!

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 02:21 PM (IST)

    टाटा स्टील ने कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए EASyMelt तकनीक लगाने का फैसला किया है। जमशेदपुर प्लांट में लगने वाली यह तकनीक कार्बन उत्सर्जन को 50% तक क ...और पढ़ें

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    टाटा स्टील ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल 'लो-कार्बन स्टील' बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

    नई दिल्ली। भारत की दिग्गज इस्पात कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल 'लो-कार्बन स्टील' बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी उत्पादन प्रक्रिया को डीकार्बोनाइज (कार्बन मुक्त) करने के लिए दुनिया की पहली EASyMelt (इलेक्ट्रिकली-असिस्टेड सिनगैस स्मेल्टर) तकनीक लगाने की घोषणा की है। इसके लिए टाटा स्टील ने SMS ग्रुप की कंपनी 'पॉल वुर्थ' (लक्ज़मबर्ग) के साथ एक अंतिम समझौता किया है।

    EASyMelt तकनीक आखिर क्या है और इससे क्या फायदा होगा?

    EASyMelt आयरनमेकिंग (लोहा बनाने) की प्रक्रिया को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक अत्याधुनिक और संसाधन-लचीली तकनीक है। इस नई तकनीक का मुख्य उद्देश्य स्टील उत्पादन के दौरान होने वाले प्रदूषण को भारी मात्रा में घटाना है। कंपनी के अनुसार, इस तकनीक के लागू होने के बाद ब्लास्ट फर्नेस से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में बेसलाइन ऑपरेशन की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक की कमीआएगी। यह तकनीक भविष्य में स्टील इंडस्ट्री को 'क्लाइमेट न्यूट्रल' बनाने की क्षमता रखती है।

    यह भी पढ़ें: अदाणी ने 'रावतभाटा' में न्यूक्लियर एनर्जी की नई कंपनी बना सबको चौंकाया, इस शेयर में दिखी गजब की तेजी

    यह विश्वस्तरीय तकनीक सबसे पहले कहां लगाई जाएगी?

    पूरी दुनिया में इस तकनीक का यह पहला औद्योगिक प्रदर्शन होगा। टाटा स्टील ने इस अत्याधुनिक तकनीक को चरणबद्ध तरीके से अपने जमशेदपुर प्लांट के 'E' ब्लास्ट फर्नेस(649 क्यूबिक मीटर) में लगाने का फैसला किया है।

    गौरतलब है कि जून 2023 में टाटा स्टील और SMS ग्रुप के बीच डीकार्बोनाइजेशन पर काम करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। शुरुआती अध्ययन के सफल होने के बाद अब कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने का फैसला किया है।

    इस पहल पर कंपनियों के बड़े अधिकारियों का क्या कहना है?

    टाटा स्टील के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर टी. वी. नरेंद्रनने इस कदम को बेहद अहम बताते हुए कहा, "लो-कार्बन स्टील मेकिंग की दिशा में बदलाव हमारे मौजूदा उत्पादन इकोसिस्टम को बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगा। हम तकनीक, इनोवेशन और मजबूत साझेदारी के जरिए इस बदलाव को आगे बढ़ा रहे हैं। SMS ग्रुप के साथ हमारा यह सहयोग 'नेट जीरो' लक्ष्य की दिशा में हमारी यात्रा को तेज करेगा।"

    वहीं, SMS ग्रुप के सीईओ जोचेन बर्गने टाटा स्टील के भरोसे की सराहना करते हुए कहा, "औद्योगिक स्तर पर पहली EASyMelt तकनीक का निर्माण करना एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। यह भविष्य के ब्राउनफील्ड डीकार्बोनाइजेशन प्रोजेक्ट्स के लिए एक नया रास्ता तैयार करेगा।"

    क्या है टाटा स्टील का 'नेट जीरो 2045' का लक्ष्य?

    टाटा स्टील दुनिया की शीर्ष स्टील कंपनियों में से एक है, जिसकी सालाना क्रूड स्टील क्षमता 35 मिलियन टन है। कंपनी ने दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्यों में से एक को अपनाते हुए साल 2045 तक 'नेट जीरो'(शून्य कार्बन उत्सर्जन) हासिल करने का लक्ष्य रखा है। जमशेदपुर में EASyMelt तकनीक का यह नया प्रोजेक्ट इसी विशाल लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

    टाटा स्टील पहले से ही सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल स्टील मेकिंग के क्षेत्र में कई वैश्विक पुरस्कार जीत चुकी है और इसका जमशेदपुर प्लांट भारत की पहली साइट है जिसे 'रिस्पॉन्सिबलस्टील™ सर्टिफिकेशन मिला है। अब यह नई तकनीक पर्यावरण संरक्षण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूती देगी।

    टाटा स्लीट शेयर प्राइस में 16% की तेजी

    'ग्रीन स्टील' की दिशा में इस ऐतिहासिक पहल के बीच, शेयर बाजार में भी टाटा स्टील (Tata Steel) का शानदार प्रदर्शन जारी है। 21 अप्रैल 2026 तक NSE पर यह शेयर ₹212.07 पर कारोबार कर रहा है, जो इसके मजबूत 'अपट्रेंड' को दिखाता है, सिर्फ इस साल अब तक इसमें 16.39% का उछाल आ चुका है। तकनीकी मोर्चे पर भी यह स्टॉक पूरी तरह से 'बुलिश जोन' में है और अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज (5 से 200 दिन) के ऊपर बना हुआ है, जबकि 64.3 का RSI इसके संतुलित होने का संकेत देता है।

    कंपनी के इस बेहतरीन आउटलुक को देखते हुए प्रमुख ब्रोकरेज हाउस भी इसे लेकर काफी पॉजिटिव हैं। HSBC ने इसे 'बाय' रेटिंग के साथ सबसे अधिक ₹250 का टारगेट प्राइस दिया है, जबकि Macquarie ने ₹241, Systematix ने ₹230, Nomura ने ₹220 और Centrum Broking ने इसे अपनी 'टॉप पिक' बताते हुए ₹218 का लक्ष्य रखा है।

    (डिस्क्लेमर: बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।)