Vedanta Demerger: वेदांता के 1 मई से हर 1 स्टॉक पर 4 नई कंपनियों के फ्री शेयर, जानें डिमर्जर का पूरा गणित
वेदांता लिमिटेड का डीमर्जर 1 मई से प्रभावी होगा, जिससे कंपनी पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित हो जाएगी। शेयरधारकों को प्रत्येक शेयर के बदले म ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। ऑयल-टू-मेटल्स (तेल से लेकर धातु तक) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) ने 20 अप्रैल को घोषणा की है कि कंपनी के डीमर्जर (विभाजन) की योजना 1 मई से प्रभावी हो जाएगी। इस ऐतिहासिक कदम के बाद, वेदांता समूह पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित हो जाएगा।
डीमर्जर के बाद कौन-सी नई कंपनियां अस्तित्व में आएंगी?
डीमर्जर प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के रूप में काम करना जारी रखेगी और अपने बेस मेटल्स (base metals) के कारोबार को संभालेगी। इसके अलावा जो चार नई कंपनियां बनेंगी।
- वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium)
- तलवंडी साबो पावर (Talwandi Sabo Power)
- वेदांता स्टील एंड आयरन (Vedanta Steel and Iron)
- माल्को एनर्जी (Malco Energy)
इसके अलावा, बाल्को (BALCO) में कंपनी के मौजूदा शेयर 'वेदांता एल्युमिनियम' को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। वहीं, मूल कंपनी (पैरेंट एंटिटी) हिंदुस्तान जिंक के माध्यम से जिंक और सिल्वर बिजनेस को अपने पास ही रखेगी और भविष्य के नए वेंचर्स के लिए एक इनक्यूबेटर के रूप में काम करेगी।
शेयरधारकों को इस बंटवारे से क्या मिलेगा?
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग के अनुसार, यह डीमर्जर निवेशकों के लिए 1:1 के अनुपात में काम करेगा। वेदांता लिमिटेड के शेयरधारकों को उनके पास मौजूद प्रत्येक शेयर के बदले में इन कंपनियों का एक-एक शेयर मिलेगा।
- वेदांता एल्युमिनियम का 1 शेयर
- तलवंडी साबो पावर का 1 शेयर
- वेदांता स्टील एंड आयरन का 1 शेयर
- माल्को एनर्जी का 1 शेयर
क्या है इस डीमर्जर का मुख्य उद्देश्य?
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में बताया था कि इन पांचों अलग-अलग कंपनियों का कुल मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) समूह के मौजूदा 27 अरब डॉलर के मूल्यांकन से कहीं अधिक होगा। अग्रवाल द्वारा नियंत्रित एक निजी मूल कंपनी इन सभी नई व्यावसायिक संस्थाओं में लगभग 50% हिस्सेदारी अपने पास बरकरार रखेगी।
यह भी पढ़ें: 30 रुपये के इस छुटकू शेयर ने किया मालामाल, एक महीने में 61% भागा; आज फिर लगा 20 फीसदी का अपर सर्किट
शेयर बाजार में नई कंपनियों की लिस्टिंग कब होगी?
कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अजय गोयल ने जनवरी में जानकारी दी थी कि वेदांता का लक्ष्य मई के मध्य तक भारतीय शेयर बाजारों (एक्सचेंजों) पर चारों नई डीमर्ज्ड इकाइयों को लिस्ट करने का है। गौरतलब है कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने दिसंबर में ही इस डीमर्जर योजना को अपनी मंजूरी दे दी थी।

इस योजना को लेकर पहले विवाद क्यों था?
वेदांता के डीमर्जर की इस योजना को सबसे पहले साल 2023 में पेश किया गया था। हालांकि, शुरुआत में भारत सरकार ने इसका विरोध किया था। सरकार को यह आशंका थी कि कंपनी के इस तरह टुकड़ों में बंटने से सरकार की अपनी बकाया राशि वसूलने की क्षमता में बाधा आ सकती है। शेयर बाजार का हाल: इस बड़ी घोषणा के दिन, 20 अप्रैल को वेदांता के शेयरों में 2.2% की गिरावट दर्ज की गई और यह शेयर 770 रुपये के भाव पर बंद हुआ।
Source:
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।