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    SEBI के बैन से जी एंटरटेनमेंट का शेयर धड़ाम, 14% से अधिक फिसला रेट; क्या है पूरा मामला?

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:24 PM (IST)

    जी एंटरटेनमेंट के शेयर सोमवार को सेबी द्वारा कंपनी, सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका पर सिक्योरिटी मार्केट में प्रतिबंध लगाने के बाद 14% से अधिक गिर गए। य ...और पढ़ें

    जी के शेयर में भारी गिरावट

    जी के शेयर में भारी गिरावट

    HighLights

    1. जी एंटरटेनमेंट के शेयर 14% से अधिक गिरे

    2. सेबी ने कंपनी, सुभाष चंद्रा, पुनीत गोयनका पर प्रतिबंध लगाया

    3. हैदराबाद की जमीन गिरवी रखने के मामले में कार्रवाई

    नई दिल्ली। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises Share Price Today) के शेयर में सोमवार को 14 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। हैदराबाद स्थित कंपनी की जमीन को गिरवी रखने के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज पर दो महीने और उसके मानद चेयरमैन सुभाष चंद्रा और एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका पर एक वर्ष के लिए सिक्योरिटी मार्केट में प्रतिबंध लगाने के बाद कंपनी के शेयर में गिरावट आई।

    100 रुपये के नीचे आया भाव

    BSE पर कंपनी का शेयर करीब 3 बजे 14.3 प्रतिशत टूटकर 98.95 रुपये पर आ गया है, जबकि बीते शुक्रवार को ये शेयर 115.45 रुपये बंद हुआ था। सेबी ने शुक्रवार देर रात 150 पृष्ठ का अंतिम आदेश जारी किया। इसमें एस्सेल ग्रुप की इकाइयों द्वारा लिए गए कर्ज को सुरक्षित करने के लिए जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की हैदराबाद स्थित भूमि को अनधिकृत रूप से गिरवी रखने के मामले में कंपनी को दो महीने और इसके मानद चेयरमैन चंद्रा तथा प्रबंध निदेशक एवं सीईओ गोयनका को एक साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है।
    इसके अलावा, बाजार नियामक ने उन पर कुल 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

    इस प्लान भी अनिश्चितता

    जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के प्रमोटर की ओर से 3,144 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर रेगुलेटरी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। सेबी के बैन के बाद सिक्योरिटी मार्केट से कंपनी फंड नहीं जुटा पाएगी। हालांकि जी के एक प्रवक्ता ने कहा, "कंपनी का मानना है कि सेबी के आदेश का फंड जुटाने की प्रक्रिया पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।"
    अप्रूव की गई शर्तों के तहत, सब्सक्राइबर्स को वारंट इश्यू प्राइस का 25% हिस्सा पहले ही चुकाना होगा, और बाकी 75% हिस्सा 18 महीने के अंदर कन्वर्जन के समय देना होगा। अगर उस समय-सीमा के भीतर वारंट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो वे रद्द हो जाएंगे और पहले किया गया पेमेंट जब्त कर ली जाएगी।

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    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)

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