IPL 2026: क्या है CSK की सबसे बड़ी चिंता? गावस्कर ने टीम मैनेजमेंट को बताई कमी, कोच ने फिनिशरों को लेकर दिया बड़ा बयान
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने चेन्नई सुपर किंग्स की इस सीजन की कमी को उजागर किया है। गावस्कर ने बताया है कि अगर चेन्नइ ने सुधार ...और पढ़ें
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चेन्नई सुपर किंग्स पांच बार की आईपीएल चैंपियन है
पीटीआई, चेन्नई: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी गेंदबाजी है और उन्हें अपना अभियान पटरी पर लाने के लिए इस विभाग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
सीएसके को मौजूदा सत्र के अपने पहले दोनों मैच में हार का सामना करना पड़ा, जिसमें शुक्रवार को पंजाब किंग्स के हाथों पांच विकेट से मिली हार भी शामिल है। गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम में कहा कि हमने अब तक जो देखा है उससे लगता है कि टूर्नामेंट के बाकी बचे मैचों में सीएसके के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी गेंदबाजी होगी। इसका मतलब है कि उन्हें अपने गेंदबाजों को मौका देने के लिए लगातार 225-230 के आसपास रन बनाने होंगे।
बल्लेबाजी में है गहराई
उन्होंने कहा कि आजकल अधिकतर टीमों की बल्लेबाजी में गहराई है। पंजाब किंग्स को ही लीजिए जिसके पास सातवें नंबर पर मार्कस स्टोइनिस जैसा धाकड़ बल्लेबाज है। कई टीम की बल्लेबाजी में इस गहराई को देखते हुए सीएसके को अपनी गेंदबाजी मजबूत करनी होगी।
युवा आयुष म्हात्रे ने सीएसके के लिए 43 गेंदों में 73 रन बनाए जिससे उसकी टीम पांच विकेट पर 209 रन बनाने में सफल रही। गावस्कर ने कहा कि मेरा मानना है कि आयुष म्हात्रे के लिए बल्लेबाजी क्रम में तीसरा नंबर अच्छा है। उन्होंने अंडर-19 टीम की तरफ से निचले क्रम में बल्लेबाजी की है, लेकिन नंबर तीन उनके लिए उपयुक्त हो सकता है। भारत के पूर्व कप्तान ने कहा कि म्हात्रे पिछले मैच में पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं दिखा।
'फिनिशर की भूमिका प्रासंगिक रह गई है'
वहीं चेन्नई के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग का मानना है कि वर्तमान समय में टी-20 क्रिकेट में पारंपरिक फिनिशर की भूमिका बहुत प्रासंगिक नहीं रह गई है, क्योंकि मैच की शुरुआत से ही पूरी तरह से आक्रामक खेल खेला जा रहा है। सीएसके ने अपनी टीम में काफी फेरबदल किया है। उसकी बल्लेबाजी इकाई में शीर्ष क्रम के विशेषज्ञ बल्लेबाजों का दबदबा है, जिससे मध्य और निचले क्रम में विशेष रूप से फिनिशर की भूमिका की कमी महसूस हो रही है।
फ्लेमिंग ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अब फिनिशर जैसी कोई चीज रह गई है। पहली गेंद से ही हर कोई ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहा है। अब ऐसा नहीं है कि 16वें ओवर तक रन गति कुछ धीमी रखकर फिर तेजी से रन बनाए जाएं। पहली गेंद से ही प्रत्येक बल्लेबाज आक्रामक अंदाज में खेल रहा है। उन्होंने कहा कि पारी की शुरुआत से ही 10, 11, 12 का रन रेट अपेक्षित है। आपको 40 रन तक पहुंचने के लिए अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना होगा। इसलिए आपके पास ऐसे बल्लेबाज होने चाहिए जो शुरू से लेकर आखिर तक आक्रामक खेल खेलें और निश्चित रूप से हमारे पास वही टीम है।
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