'Vaibhav Suryavanshi का बढ़ना क्रिकेट के लिए खतरनाक', टीम इंडिया का बुरा हाल करने वाले पूर्व कोच ने किया दावा
भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में बयान देकर आलोचनाओं को आमंत्रण दिया है। चैपल ने टी20 क्रिकेट में नियमों में बदलाव का स ...और पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी और ग्रेग चैपल
HighLights
वैभव सूर्यवंशी के बारे में ग्रेग चैपल ने किया दावा
चैपल ने टी20 क्रिकेट में नियम बदलने का सुझाव दिया
चैपल ने कहा कि टी20 क्रिकेट बल्लेबाजों का पक्षधर
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के आगे बढ़ने को क्रिकेट के लिए खतरनाक करार दिया है। चैपल ने बताया कि वो युवा वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने टी20 क्रिकेट की कमी को भी उजागर किया।
चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के लिए अपने कॉलम में कहा कि आधुनिक टी20 क्रिकेट काफी हद तक बल्लेबाजों का पक्ष करता है, जिसकी वजह से कई शानदार प्रदर्शन आए दिन देखने को मिलते हैं। पूर्व कंगारू कप्तान ने हालांकि, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ भी की, जिन्होंने आईपीएल 2026 में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप हासिल की।
चैपल ने क्या बताया
चैपल ने अपने कॉलम में लिखा, 'सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने टूर्नामेंट में न सिर्फ अपनी साख बनाई, बल्कि उन्होंने इस पर राज किया। 237.3 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाना, उन्होंने आसानी से दिग्गज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी। एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का रिकॉर्ड बनाकर वैभव ने अपनी काबिलियत बखूबी साबित की।'
हालांकि, चैपल ने कहा कि इस तरह का प्रदर्शन तब तक संभव नहीं जब खेल ज्यादा बल्लेबाजों के लिए सहायक बने। उन्होंने कहा, 'अगर कोई बच्चा, जिसने अपना शारीरिक विकास पूरा नहीं किया हो और वैश्विक स्तर पर पहुंच जाए व बिना प्रयास के अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाए तो इससे खेल में व्यवस्थागत बीमारी उजागर होती है।'
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आविष्कार से हुई मुश्किल
चैपल के मुताबिक खेल का संतुलन तब और बिगड़ा जब आविष्कार जैसे आईपीएल में इंपैक्ट प्लेयर नियम का परिचय हुआ। इससे टीमों को अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाजों को खिलाने का मौका मिला।
चैपल ने कहा, 'आधुनिक टी20 के संरचनात्मक मापदंडों ने एक दुर्लभ, जादुई प्रदर्शन को एक असेंबली-लाइन अपेक्षा में बदल दिया है। आईपीएल में इंपैक्ट प्लेयर नियम को लागू करने के अदूरदर्शी फैसले से यह असंतुलन संस्थागत रूप ले चुका है। यह एक रणनीतिक विलासिता है जो प्रभावी रूप से बल्लेबाजी करने वाली टीम को बिना किसी परिणाम के एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज प्रदान करती है।'
चैपल की चेतावनी
ग्रेग चैपल ने चेतावनी दी है कि टी20 क्रिकेट उस जगह जा रहा है, जहां बल्लेबाजी की प्रदर्शनी लगी दिखेगी। उन्होंने गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बनाने के लिए कुछ सुझाव दिए।
ऐसे बच सकता है टी20 क्रिकेट
छह विकेट तक बल्लेबाजी सीमित हो
चैपल ने प्रस्ताव दिया कि बल्लेबाजी टीम के विकेट 10 से घटाकर छह कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक टीमें विकेट को डिस्पोजल जैसे रखती है क्योंकि उनकी टीम में गहराई होती है। छह विकेट की लिमिट लगा देने से विकेट की वैल्यू बढ़ेगी और इस वजह से टीमें सोच समझकर जोखिम उठाएंगी।
पिच पर हो ज्यादा घास
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने सुझाव दिया कि टी20 पिच पर कम से कम 3 एमएम की घास हो ताकि स्विंग मिले और तेज गेंदबाजों को पर्याप्त उछाल मिल सके। उन्होंने साथ ही प्रस्ताव दिया कि दो बिलकुल अलग-अलग पिच तैयार करें, एक घास वाली और एक सूखी। इससे रणनीति में बदलाव होगा।
एलबीडब्ल्यू कानून को बदला जाए
चैपल ने एलबीडब्ल्यू कानून को बदलने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी गेंद स्टंप्स पर लगती दिखे तो आउट देना चाहिए न कि इस पर ध्यान दिया जाए कि गेंद का टप्पा किस जगह पड़ा था। चैपल ने कहा कि बल्लेबाजों को इसका अनचाहा फायदा नहीं मिल सकेगा और गेंदबाजों को सफल होने के ज्यादा मौके मिल सकेंगे।