डेब्यू टेस्ट के बाद हुई भारतीय तेज गेंदबाज की छुट्टी, दादा ने किया बचाव; कुलदीप यादव पर भी बात की
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने मैनचेस्टर में डेब्यू टेस्ट में खराब प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज का बचाव करते हुए उन्हें और अवसर दिए जाने की वकालत की है। यहां बिस्कफार्म के कार्यक्रम में सौरव ने कहा-मात्र एक मैच के आधार पर कंबोज को लेकर कोई राय नहीं बनानी चाहिए। वे एक युवा खिलाड़ी हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में काफी विकेट लिए हैं।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने मैनचेस्टर में डेब्यू टेस्ट में खराब प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज का बचाव करते हुए उन्हें और अवसर दिए जाने की वकालत की है।
यहां बिस्कफार्म के कार्यक्रम में सौरव ने कहा-'मात्र एक मैच के आधार पर कंबोज को लेकर कोई राय नहीं बनानी चाहिए। वे एक युवा खिलाड़ी हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में काफी विकेट लिए हैं। हमें किसी भी खिलाड़ी के बारे में कोई राय बनाने से पहले पांच, छह अथवा आठ टेस्ट मैचों में उसके प्रदर्शन का मूल्यांकन करना चाहिए।
अंशुल ने चटकाया था 1 विकेट
मालूम हो कि अंशुल ने मैनचेस्टर टेस्ट में 89 रन देकर मात्र एक विकेट चटकाया। दादा ने टेस्ट टीम में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की अनुपस्थिति पर आश्चर्य जताते हुए कहा-'मुकेश ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और इंग्लैंड की परिस्थितियां उनकी गेंदबाजी शैली के लिहाज से बिल्कुल सही है।
वहीं टीम में शामिल स्पिनर कुलदीप यादव को भी खिलाया जाना चाहिए था। गुणवत्तापूर्ण स्पिनर के बिना विरोधी टीम को पांचवें टीम आलआउट करना कठिन है। कुलदीप ऐसे खिलाड़ी हैं, जो भारतीय टीम में बने रहने चाहिए। भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए यह महत्वपूर्ण है।
कुलदीप को नहीं मिला मौका
मालूम हो कि कुलदीप पांच मैचों की सीरीज में एक भी मैच में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन पाए। सौरव ने इंग्लैंड दौरे पर गई वर्तमान भारतीय टेस्ट टीम की बल्लेबाजी की तुलना 2002 व 2007 की टीम से करते हुए कहा कि उस वक्त भी विभिन्न क्रम के बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे।
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