सौरव गांगुली को बर्थडे पर मिला खास तोहफा, ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल; जय शाह के लिए लिखा खास मैसेज
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। ...और पढ़ें
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सौरव गांगुली
HighLights
54वां बर्थडे मना रहे हैं दादा
12वें भारतीय क्रिकेटर बने
आईसीसी को धन्यवाद दिया
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। आईसीसी ने बुधवार को गांगुली की 54वीं जन्मतिथि पर उन्हें हाल ऑफ फेम में शामिल किया और वह ये सम्मान पाने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर हैं।
गांगुली ने आईसीसी को धन्यवाद देते हुए कहा, मैं आईसीसी और इसके चेयरमैन जय शाह को मुझे हाल आफ फेम में शामिल करने पर धन्यवाद देता हूं। ये मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है और इस सूची में दिग्गज नामों का हिस्सा बनकर मुझे गर्व है।
आईसीसी हाल ऑफ फेम में शामिल हाने वाले अन्य भारतीयों में बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर, कपिल देव, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीनू मांकड़, डायना एडुल्जी, वीरेंद्र सहवाग, नीतू डेविड और महेंद्र सिंह धोनी शामिल हैं।
Thank you ICC and Chairman Jay shah @JayShah for inducting me in the hall of fame .. it’s a huge honour ..One of the 10 Indians to be inducted in the hall of fame ever .. Amazing to be a part of some great names .. @bcci
— Sourav Ganguly (@SGanguly99) July 8, 2026
ICC हॉल ऑफ फेम को जनवरी 2009 में ICC के शताब्दी समारोह के हिस्से के तौर पर शुरू किया गया था और तब से इसने खेल के महानतम खिलाड़ियों को सम्मानित किया है। गांगुली ने भारतीय क्रिकेट के सबसे मुश्किल दौर में कप्तानी संभाली। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने टीम की सोच बदल दी और उनमें आक्रामकता, खुद पर भरोसा और विदेशों में मुकाबला करने का आत्मविश्वास जगाया।
दादा के रिकॉर्ड पर नजर
गांगुली ने 424 मैचों में 18,575 इंटरनेशनल रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 38 शतक और 107 अर्धशतक लगाए। उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 11,363 रन बनाए, जिससे वे सभी फ़ॉर्मेट में भारत के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक बन गए।
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कप्तानी में रिकॉर्ड
कप्तान के तौर पर गांगुली ने 196 इंटरनेशनल मैचों में भारत की कप्तानी की और 97 मैच जीते। उनके कार्यकाल में कई यादगार उपलब्धियां हासिल हुईं। इनमें स्टीव वॉ की अजेय ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ 2001 की मशहूर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत, 2004 में पाकिस्तान में भारत की पहली टेस्ट सीरीज जीत, 2000 ICC नॉकआउट ट्रॉफी और 2003 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचना शामिल है।