IND vs ENG: ड्यूक्स गेंद पर छिड़ा विवाद तो टीम इंडिया के पूर्व कोच ने कही पुराने ढर्रे पर लौटने की बात, आईसीसी से कर डाली बड़ी गुजारिश
लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान ड्यूक गेंद को लेकर विवाद छिड़ गया है। इंग्लैंड के दिग्गजों ने इसकी आलोचना की है और इसे नरम बताया है। टीम इंडिया को भी इस गेंद से परेशानी हुई है। अब भारत के पूर्व कोच ने इस संबंध में एक सलाह दी है।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान ड्यूक्स गेंद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि अब ये गेंद काफी नरम बनाई जाने लगी है जो पहले नहीं होता था। इसे लेकर टीम इंडिया के खिलाड़ी भी मैच के दौरान बात करते देखे गए। अब भारत के पूर्व कोच अनिल कुंबले ने इसे लेकर एक सुझाव दिया है। उन्होंने पुराने ढर्रे पर लौटने की बात कही है।
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को कई बार गेंद को बदला गया और इसे लेकर भारतीय कप्तान शुभमन गिल अंपायर से बहस करते हुए भी नजर आए थे। पहले ही ड्यूक गेंद काफी सख्त होती थी, लेकिन जब से इंग्लैंड में बैजबॉल की शुरुआत हुई है तब से इसे नरम बनाया जाने लगा है और यही कारण है कि बल्लेबाज जमकर रन बनाते हैं।
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कुंबले ने कही अहम बात
ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए कुंबले ने कहा कि नरम होने पर गेंद को बदलना सही है क्योंकि तब गेंद का आकार बिगड़ जाता है। उन्होंने कहा, "हां, ये सही है कि जब गेंद नरम हो जाए तो उसे बदल दिया जाए क्योंकि ये लगातार अपना आकार बदल रही है और ये काफी लगातार हो रहा है। कुछ तो करने की जरूरत है। अगर गेंद 10 ओवर भी नहीं टिक पा रही है तो फिर ये अच्छी बात नहीं है। सिर्फ क्रिकेट के लिए ही नहीं बल्कि गेंद के लिए भी। मुझे लगता है कि उस तरह की गेंद बनाई जाए जो पांच साल पहले बनाई जाती थीं। "
कुंबले ने कहा कि पहले जिस तरह की ड्यूक्स गेंद बनाई जाती थीं वैसे ही बनाई जानी चाहिए क्योंकि वह काफी देर तक टिकती थीं और स्विंग भी काफी होती थीं।"
सलाइवा बैन हटाने की कही बात
कुंबले ने साथ ही आईसीसी से अपील करते हुए कहा कि गेंद पर सलाइवा बैन को हटा देना चाहिए। ये बैन कोविड के समय लगाया गया था ताकि संक्रमण न फैले। कोविड के बाद भी ये जारी है और इससे गेंदबाजों को भी कहीं न कहीं नुकसान है। कुंबले ने कहा, "इससे जरूर मदद मिलेगी। गेंद को अच्छे से चमकाओ और उसे रिवर्स स्विंग करवाओ। आज ऐसे बहुत ही कम मौके दिखते हैं जहां गेंद रिवर्स स्विंग होती है। खासकर इस तरह की स्थितियों में।"
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