Jasprit Bumrah की चोट ने खोली फिटनेस सिस्टम की पोल, COE और चयनकर्ताओं के बीच संवाद पर उठे सवाल
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की चोट ने फिटनेस सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। सीओई की स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल टीम सवालों के घेरे में है ...और पढ़ें

जसप्रीत बुमराह (File Photo)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रेट्र, नई दिल्ली। भारतीय टीम में लगातार बढ़ती चोटों के बीच बीसीसीआई के सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल टीम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। श्रीलंका के विरुद्ध 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से जसप्रीत बुमराह का बाहर होना इसका ताजा उदाहरण है।
राष्ट्रीय चयन समिति को शुरुआत में संकेत दिया गया था कि बुमराह इस सीरीज के लिए उपलब्ध होंगे, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी चोट अनुमान से अधिक गंभीर है। इस पूरे मामले के बाद सोमवार को सीओई के शीर्ष अधिकारियों, क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की चोट और उनके प्रबंधन पर चर्चा की गई।
सवाल उठने लगे
बीसीसीआई में नितिन पटेल के जाने के बाद से स्पोर्ट्स साइंस विभाग का कोई स्थायी प्रमुख नहीं है। फिलहाल बेंगलुरु हाई परफॉर्मेंस सेंटर में धनंजय कौशिक अंतरिम रूप से इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी योग्यता पर सवाल नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन की समयसीमा और 'रिटर्न टू प्ले' प्रक्रिया को लेकर सवाल जरूर उठने लगे हैं।
एक के बाद एक चोटों ने बढ़ाई चिंता
हर्षित राणा का मामला भी चर्चा में है। सवाल है कि अधिक वजन के बावजूद उन्हें फिट कैसे घोषित किया गया, जिसके बाद उनकी हैमस्ट्रिंग की चोट दोबारा उभर गई। इसी तरह दक्षिण भारत के एक चर्चित टी-20 विशेषज्ञ बल्लेबाज के इंग्लैंड पहुंचने पर कथित तौर पर अधिक वजन होने की बात सामने आई, जबकि दौरे से पहले भारतीय खिलाड़ियों के लिए सीओई में अनिवार्य फिटनेस परीक्षण होता है।
खबरें और भी
वॉशिंगटन सुंदर की बार-बार होने वाली हैमस्ट्रिंग की समस्या पर भी सवाल हैं। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी के स्वतंत्र रूप से तेज गेंदबाजी कोच स्टीफन जोंस के साथ अभ्यास करने और अपनी गति 120 किमी प्रति घंटे के अंतिम स्तर से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे के मध्य तक ले जाने को लेकर भी यह सवाल उठा है कि क्या उन्हें सीओई और बीसीसीआई की मंजूरी मिली थी और क्या अचानक बढ़ी गति का उनकी हैमस्ट्रिंग पर असर पड़ा।
साई की फिटनेस पर भी संदेह
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि चयनकर्ताओं को बुमराह के कम से कम एक टेस्ट के लिए उपलब्ध होने का भरोसा दिया गया था। अब उन्हें बताया गया है कि पैर की चोट से उबर रहे साई सुदर्शन नेट्स में 75 मिनट बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनकी रिकवरी अच्छी है। ऐसे में चयनकर्ताओं की चिंता यह है कि कहीं बाद में उन्हें साई के भी पहले टेस्ट तक फिट नहीं होने की सूचना न मिले।
फिजियो कमलेश जैन की भूमिका की भी होगी समीक्षा
लगातार चोटों के कारण भारतीय टीम के फिजियो कमलेश जैन की भूमिका भी समीक्षा के दायरे में आ सकती है। करीब पांच वर्षों से टीम के साथ जुड़े जैन खिलाड़ियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इंग्लैंड में खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की लगातार चोटों के बाद प्रस्तावित बीसीसीआई समीक्षा बैठक में उनकी भूमिका पर चर्चा संभव है।