एक-दो नहीं क्रिकेट के नियमों में हुए 73 बदलाव, टेस्ट मैचों को लेकर हुआ बड़ा फैसला; इस साल अक्टूबर से लागू होंगे नए रूल
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने क्रिकेट के नियमों में 73 बदलावों की घोषणा की है, जो इस अक्टूबर से लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य नियमों को आधुनि ...और पढ़ें

टेस्ट क्रिकेट को लेकर हुआ बड़ा फैसला
पीटीआई, लंदन: मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने क्रिकेट के नियमों में कुल 73 बदलावों की घोषणा की है जिसमें टेस्ट या अन्य बहुदिवसीय मैचों में अगर दिन के अंतिम ओवर के दौरान विकेट गिरता है तो पूरा ओवर खेलना अनिवार्य करना भी शामिल है।
अक्सर अंतिम ओवर में विकेट गिरने के बाद खेल समाप्त कर दिया जाता है। नए नियम इस साल अक्टूबर से लागू होंगे। एमसीसी ने कहा कि 2022 के बाद पहली बार जारी की गई 'लॉज ऑफ क्रिकेट की नई प्रति' का मकसद नियमों को समय के अनुरूप और आधुनिक खेल के लिए अधिक समावेशी बनाना है।
रोमांच हो जाता है खत्म
एमसीसी ने बताया कि बहुदिवसीय मैचों में दिन का अंतिम ओवर अब हर हाल में पूरा कराया जाएगा। ऐसा न होने से खेल का रोमांच कम हो जाता है। यह अनुचित है कि अगर दिन के अंतिम ओवर में गेंदबाजी कर रही टीम विकेट ले ले, तो बल्लेबाजी टीम को नया बल्लेबाज भेजने की जरूरत नहीं पड़ती।
एमसीसी ने कहा कि इससे समय की बचत भी नहीं होती, क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन पूरी करनी ही पड़ती हैं। साथ ही इससे खेल का रोमांच कम हो जाता है। नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों से बच जाता है क्योंकि आमतौर पर उस समय गेंदबाजों के लिए हालात अनुकूल होते हैं। नए नियम के तहत अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अंतिम ओवर पूरा किया जाएगा, भले ही उस दौरान विकेट गिर जाए।
एमसीसी ने ये बदलाव भी किए
गेंदों को साइज-1, साइज-2 और साइज-3 के रूप में वर्गीकृत किया गया है। साइज-1 (पारंपरिक पुरुषों की गेंद) में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अब तीनों श्रेणियों के लिए मानक एक समान कर दिए गए हैं।
ओपन एज क्रिकेट में 'लैमिनेटेड' बल्लों के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है। इससे पहले ऐसे बल्लों की अनुमति केवल जूनियर क्रिकेट में थी।
विकेटकीपर से जुड़े नियम में भी बदलाव किया गया है। अब गेंद फेंके जाने से पहले अगर विकेटकीपर स्टंप्स के बराबर या आगे खड़ा होता है, तो इसे नोबॉल नहीं माना जाएगा।
बनी हॉप कैच मान्य नहीं होगा। कोई भी क्षेत्ररक्षक सीमा के बाहर रहते हुए हवा में गेंद को केवल एक बार छू सकता है और उसके बाद पूरी तरह बाउंड्री के अंदर जमीन पर होना जरूरी होगा।
रन रोकने या रनआउट के प्रयास में स्टंप्स की ओर फेंकी गई गेंद को ओवरथ्रो माना जाएगा, जबकि केवल गेंद रोकने या दूसरे क्षेत्ररक्षकों को देने में हुई चूक को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा।
जानबूझकर शॉर्ट रन लेने की स्थिति में अब क्षेत्ररक्षक टीम को यह तय करने का अधिकार होगा कि अगली गेंद पर कौन सा बल्लेबाज स्ट्राइक पर रहेगा।
गेंद को तब पूरी तरह से रुकी हुई माना जाएगा जब वह किसी क्षेत्ररक्षक के हाथ में हो या जमीन पर स्थिर हो। अब गेंद का गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा।
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