RCB vs CSK Pitch Report: बल्लेबाज करेंगे रनवर्षा या गेंदबाजों का दिखेगा जादू, बेंगलुरु-चेन्नई मुकाबले के लिए कैसी होगी पिच?
आईपीएल 2026 में आरसीबी और सीएसके के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुकाबला होगा। यह पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, जहां 180-200 का स्को ...और पढ़ें

RCB vs CSK Pitch Report
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अब तक पिच बल्लेबाजों के अनुकूल देखने को मिली है। इसी वजह से 200 से अधिक का स्कोर भी सुरक्षित नहीं रहा है। सीजन के 11वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स की टीमें आमने-सामने आने वाली हैं। मैच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है, जहां की पिच बल्लेबाजी के लिए स्वर्ग मानी जाती है।
बेंगलुरु ने सीजन का ओपनर मुकाबला खेला था, जहां उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ शानदार जीत हासिल की थी। अब चेन्नई का सामना वे अपने घर पर करने वाले हैं। 5 बार की चैंपियन सीएसके के लिए मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि उन्हें अपने शूरूआती दोनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में चेन्नई की टीम गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बेहतरीन खेल दिखाकर जीत हासिल करना चाहेगी। तो वहीं बेंगलुरु जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। देखना होगा कि पिच से किसे मदद मिलती है।
चेन्नई को पहली जीत की तलाश
चेन्नई ने अब तक इस सीजन दो मुकाबले खेले हैं। उन्हें अपने पहले मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। तो वहीं पंजाब के खिलाफ अपने घर चेपॉक में वे जीत हासिल नहीं कर सके। ऐसे में वे बेंगलुरु के खिलाफ जीत हासिल करना चाहेंगे। तो वहीं आरसीबी की टीम अपनी गेंदबाजी में सुधार करना चाहेगी। उनके गेंदबाजों ने हैदराबाद के खिलाफ पहले मुकाबले में खूब रन लुटाए थे और 200 से अधिक का स्कोर बनवा दिया था। ऐसे में बेंगलुरु के लिए गेंदबाजी चिंता का विषय है। खासकर चिन्नास्वामी स्टेडियम में, जहां पर गेंदबाजों को कुछ खास मदद नहीं मिलती है।
कैसी होगी RCB vs CSK मैच के लिए पिच?
एम. चिन्नास्वामी का स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है और ये गेंदबाजों के लिए नर्क है। इस मैदान की आउटफील्ड काफी तेज है। यहां पर 180-200 का स्कोर सामान्य होता है। पिच सपाट होने वाली है और इस वजह से गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आएगी। यहां पर दूसरी पारी में ओस आने की भी उम्मीद है, जिसकी वजह से गेंदबाजों के लिए और भी मुश्किल हो सकती है। पहली पारी में मिडिल ओवरों में स्पिनर कुछ हद तक मैच में आ सकते हैं लेकिन उसके बाद उन्हें पिच से मदद मिलना मुश्किल है।
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